नयी दिल्ली, 13 नवंबर (भाषा) भारतीय वस्त्र उद्योग परिसंघ (सीआईटीआई) ने पॉलिएस्टर फाइबर एवं धागे पर गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओ) को रद्द करने के सरकार के कदम को बृहस्पतिवार को ‘‘वृद्धि समर्थक उपाय’’ करार दिया जिससे देश के कपड़ा एवं परिधान क्षेत्र को काफी लाभ होगा।
रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने बुधवार को गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों (क्यूसीओ) को वापस लेने संबंधी एक अधिसूचना जारी की।
इस कदम से कपड़ा उत्पाद विनिर्माताओं के लिए कच्चा माल प्राप्त करते समय अनुपालन का बोझ कम होने की उम्मीद है।
सीआईटीआई के चेयरमैन अश्विन चंद्रन ने कहा, ‘‘ पॉलिएस्टर फाइबर और धागे पर गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों को रद्द करना एक बड़ी राहत है क्योंकि यह सभी उपयोगकर्ता उद्योगों की लंबे समय से प्रतीक्षित मांग थी।’’
चंद्रन ने कहा कि इन क्यूसीओ को हटाने से भारतीय कपड़ा एवं परिधान उत्पादों की लागत प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार होगा क्योंकि इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी कीमतों पर कच्चा माल प्राप्त करना आसान हो जाएगा।
सीआईटीआई के चेयरमैन ने कहा, ‘‘ 12 नवंबर को घोषित निर्यात पैकेज के साथ इन क्यूसीओ को रद्द करना कपड़ा एवं परिधान क्षेत्र के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने का काम करेगा।’’
भारत ने 2030 तक कपड़ा और परिधान उद्योग को 350 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है जिसमें निर्यात का योगदान 100 अरब अमेरिकी डॉलर हो।
भाषा निहारिका अजय
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