नयी दिल्ली, 28 दिसंबर (भाषा) भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने रेलवे ट्रैक के साथ ‘रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम’ (आरआरटीएस) गलियारों में उपयोग के लिये 700 मेगाहर्ट्ज बैंड में पांच मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम को देने की सिफारिश की है।
ट्राई ने आरआरटीएस गलियारों के लिये ट्रेन नियंत्रण प्रणाली को लेकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) की स्पेक्ट्रम आवश्यकताओं पर अपनी सिफारिश में कहा है कि एनसीआरटीसी को सौंपा जाने वाला फ्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम 700 मेगाहर्ट्ज बैंड में भारतीय रेलवे को सौंपे गए फ्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम के करीब होगा।
ट्राई ने कहा, ‘‘रेलवे नेटवर्क के लिये निजी गैर-सार्वजनिक नेटवर्क (सीएनपीएन-आर) को लेकर अनुमति/लाइसेंस की एक अलग श्रेणी बनाई जा सकती है…।’’
नियामक ने कहा कि एनसीआरटीसी को जो फ्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम दिया जाएगा, उसे अन्य आरआरटीएस या मेट्रो रेल नेटवर्क को दिया जा सकता है। यह वैसे मामलों में दिया जा सकता है, जो भौगोलिक रूप से अलग हों और उससे एक-दूसरे के काम में किसी प्रकार की समस्या नहीं हो।
‘आरआरटीएस गलियारे के लिए ट्रेन नियंत्रण प्रणाली को लेकर एनसीआरटीसी की स्पेक्ट्रम आवश्यकताएं’ पर एक परिचर्चा पत्र इस साल की शुरुआत में जारी किया गया था।
ट्राई ने विभिन्न संबद्ध पक्षों से से प्राप्त टिप्पणियों और अपने स्वयं के विश्लेषण के आधार पर इस मुद्दे पर अपने सुझावों को अंतिम रूप दिया है।
भाषा रमण अजय
अजय
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
