नयी दिल्ली, 24 अक्टूबर (भाषा) इस साल जुलाई-सितंबर के दौरान भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र में पूंजी बाजार के जरिये वित्तपोषण पिछली तिमाही के मुकाबले दोगुने से अधिक होकर 1.15 अरब डॉलर हो गया। ग्रांट थॉर्नटन भारत की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
रियल एस्टेट क्षेत्र में जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान तीन श्रेणियों- विलय एवं अधिग्रहण (एमएंडए), निजी इक्विटी (पीई) और पूंजी बाजार में 42 सौदे हुए, जिनका कुल मूल्य 2.85 अरब डॉलर था।
ग्रांट थॉर्नटन भारत की रियल एस्टेट सौदों पर आधारित रिपोर्ट कहती है कि दूसरी तिमाही में 84.3 करोड़ डॉलर के 21 विलय एवं अधिग्रहण सौदे हुए, जबकि इससे पिछली तिमाही में 19.5 करोड़ डॉलर के छह सौदे हुए थे।
सितंबर तिमाही के दौरान निजी इक्विटी गतिविधियों में जोरदार उछाल आया और 85.9 करोड़ डॉलर के 12 सौदे हुए, जबकि इससे पिछली तिमाही में कुल 58 करोड़ डॉलर मूल्य के सात सौदे हुए थे।
रिपोर्ट कहती है कि पूंजी बाजार की गतिविधियां भी मजबूत रहीं, आईपीओ और क्यूआईपी खंडों में कुल मिलाकर 1.1 अरब डॉलर मूल्य के नौ सौदे हुए। यह इससे पहले की तिमाही के 48.8 करोड़ डॉलर मूल्य के चार सौदों से काफी अधिक है।
भाषा पाण्डेय प्रेम
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