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पूर्व वित्त मंत्री पी चिंदबरम और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह | फोटो/ दिप्रिंट टीम
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नई दिल्ली :आज मोदी सरकार ने अपने आखिरी बजट में कई अभूतपूर्व घोषणाएं हुई हैं. वित्त मंत्री ने सभी के लिए कुछ न कुछ करने की कोशिश की. चुनावी मौसम में आए इस अंतरिम बजट को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. कुछ लोगों ने तो यहां तक कहा कि इस बजट का लक्ष्य वोटर को लुभाना था.बजट पेश किए जाने के दौरान कार्यकारी वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि हमने एक ऐसा नेतृत्व दिया है जिसकी नीयत साफ है, नीति स्पष्ट है और निष्ठा अटल. वहीं विपक्ष ने बजट को जुमला और चुनावी बताया. वहीं मध्यमवर्ग को आयकर में पांच लाख तक छूट दिए जाने पर आम जनता ने इसका खुलकर स्वागत किया है.

विपक्ष की प्रतिक्रिया

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट में कहा, ‘ डियर नोमो, आपके 5 साल के नाकाबिल और अंहकार भरे शासन ने किसानों की जिंदगी बर्बाद कर दी है. किसानों को 17 रूपये प्रतिदिन देना उनके साथ भद्दा मज़ाक है.’

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि आज पेश हुए अंतरिम बजट में की गई घोषणाओं का सीधा असर आगामी लोकसभा चुनावों पर पड़ेगा.

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि सरकार लोगों में भ्रम फैलाने का कार्य कर रही है. उन्होंने कहा कि ये अंतरिम बजट कांग्रेस की कॉपी है. जिसने सबसे पहले बोला था कि देश के संसाधनों पर सबसे पहला हक गरीबों का है.

वहीं किसानों के लिए काम करने वाले और स्वराज इंडिया के संस्थापक योगेंद्र यादव ने कहा कि बजट में की गई घोषणा किसानोंं को धोखा देने वाला है. हर साल 6000 रुपये एक परिवार को दिये जाने का ‘ऐतिहासिक’ फैसला अगर पांच लोगों के परिवार में बांटा जाए तो  3.3 रुपये प्रति व्यक्ति मिलेगा. यह मनरेगा और वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाले पेंशन से भी कम है.

आम लोगों की प्रतिक्रिया

आईटीओ में पान की दुकान लगाने वाले महेश कहते हैं, ‘यह बजट लोकलुभावना है. चुनाव नज़दीक है तो जनता को लॉलीपॉप पकड़ा दिया गया.’

वहीं वालचंद नगर इंडस्ट्री के रीजनल हेड आर के सिंह का कहना है, ‘ इस बजट की सबसे बड़ी बात है टैक्स का स्लैब 5 लाख तक कर दिया गया है. यह सरकार का बहुत ही अच्छा फैसला है. इससे पता चल रहा है कि सरकार भारत के निवासियों का ख्याल रख रही है.’

वहीं एचडीएफसी बैंक में काम करने वाले अनिल का मानना था, ‘सरकार ने एकतरफा नहीं सोचा है. वो देश की जनता का ख्याल रखने के साथ ही देश के आर्थिक हालात में सुधार लाने का सोच रही है.’

पत्रकार समयक के अनुसार ‘बजट में सरकार किसानों को 6 हजार रुपये सलाना दे रही है. जबकि तेलंगाना सरकार ने राज्य बजट में 8 हजार प्रति एकड़ देने की घोषणा की है. केंद्र सरकार से उम्मीद थी कि वो किसानों के हित के बारे में और गंभीरता से सोचेगी. लेकिन उसने निराश किया.’

वकील अखिलेश बताते हैं कि इस बजट ले हर टैक्स देने वाले आदमी को 15 हज़ार का फायदा होगा. इससे अच्छी बात क्या हो सकती है.


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