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Wednesday, 18 February, 2026
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रामकृष्ण-टीटागढ़ गठजोड़ को रेल पहिया संयंत्र के लिए जगह की तलाश

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कोलकाता, 14 मई (भाषा) टीटागढ़ वैगंस और रामकृष्ण फोर्गिंग के गठजोड़ को रेल पहिया संयंत्र के लिए जगह की तलाश है। प्रस्तावित संयंत्र की उत्पादन क्षमता चीन को छोड़कर एशिया में सबसे अधिक होगी। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि विशेष उद्देश्यीय कंपनी (एसपीवी) रामकृष्ण टीटागढ़ रेल व्हील्स लिमिटेड जर्मनी की अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और मशीनों से लैस एक इकाई स्थापित करेगी।

टीटागढ़ वैगंस के उप-चेयरमैन और प्रबंध निदेशक उमेश चौधरी ने पीटीआई-भाषा को बताया, “हम प्रतिवर्ष दो लाख रेल पहिया उत्पादन क्षमता वाला संयंत्र स्थापित करेंगे। यह चीन को छोड़कर एशिया में रेल के पहिये का उत्पादन करने वाला सबसे बड़ा संयंत्र होगा।”

उन्होंने कहा कि संयंत्र का पूंजीगत व्यय 1,000 करोड़ रुपये आंका गया है।

अधिकारी ने कहा, “हमने अभी स्थान तय नहीं किया है क्योंकि सबसे किफायती स्थान की तलाश जारी है। इसका निर्णय रेल विभाग से परामर्श के बाद लिया जाएगा।”

भाषा अनुराग पाण्डेय

पाण्डेय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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