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Thursday, 19 March, 2026
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रबी फसल का रकबा मामूली बढ़ा, गेहूं की बुवाई स्थिर: सरकारी आंकड़े

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नयी दिल्ली, 29 दिसंबर (भाषा) चालू 2024-25 रबी मौसम में गेहूं की बुवाई तीन करोड़ 22.6 लाख हेक्टेयर पर लगभग स्थिर बनी हुई है जबकि दालों और तिलहन का रकबा पिछले साल की तुलना में थोड़ा बढ़ा है। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।

रबी या सर्दियों की मुख्य फसल, गेहूं पिछले साल तीन करोड़ 22.4 लाख हेक्टेयर में बोया गया था। रबी सत्र 2023-24 में कुल गेहूं का रकबा तीन करोड़ 28 लाख हेक्टेयर था।

गेहूं और अन्य रबी फसलों की बुवाई अक्टूबर में शुरू होती है, और कटाई मार्च में शुरू होती है। गेहूं और अन्य प्रमुख रबी फसलों की बुवाई लगभग पूरी हो चुकी है।

आंकड़ों के अनुसार, रबी सत्र 2025-26 में 26 दिसंबर तक धान की बुवाई पिछले साल की इसी अवधि के 13 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 14.9 लाख हेक्टेयर हो गई।

पिछले रबी सत्र में चावल 44.7 लाख हेक्टेयर में बोया गया था।

इस रबी सत्र में अब तक दलहन का रकबा एक करोड़ 33.4 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जो पिछले साल पूरे रबी सत्र में हासिल किए गए कुल एक करोड़ 34 लाख हेक्टेयर के करीब है।

जबकि चना, मसूर और मूंग की बुवाई का रकबा पिछले साल के कुल रकबे से अधिक हो गया, लेकिन उड़द, बुवाई के मामले में पिछड़ रहा है।

इस सत्र में अब तक मोटे अनाज का रकबा 49 लाख हेक्टेयर रहा, जिसमें मक्का और ज्वार क्रमशः 20.9 लाख हेक्टेयर और 20.3 लाख हेक्टेयर में बोए गए।

तिलहन का रकबा पिछले साल से अधिक रहा। यह अब तक 94.2 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जिसमें रेपसीड-सरसों 87.8 लाख हेक्टेयर में बोई गई है।

रबी सत्र 2024-25 में 26 दिसंबर तक सभी रबी फसलों का कुल बुवाई क्षेत्र 6.14 करोड़ हेक्टेयर तक पहुंच गया, जो पिछले साल की इसी अवधि के छह करोड़ 7.4 लाख हेक्टेयर से अधिक है।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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