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Thursday, 2 April, 2026
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सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की आवास ऋण में हिस्सेदारी बढ़कर 50 प्रतिशत पर: रिपोर्ट

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मुंबई, 24 नवंबर (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने सितंबर में प्रतिस्पर्धी आवास ऋण बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ायी है। कुल मूल ऋण में बैंकों की हिस्सेदारी बढ़कर 50 प्रतिशत हो गयी है। एक रिपोर्ट में यह कहा गया है।

क्रेडिट सूचना कंपनी क्रिफ हाई मार्क की रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकारी बैंकों ने आवास ऋण बाजार में निजी क्षेत्र के बैंकों को पीछे छोड़ दिया है।

रिपोर्ट के अनुसार, कुल आवास ऋण में से लगभग 40 प्रतिशत 75 लाख रुपये से अधिक के कर्ज थे।

इसमें कहा गया है कि आवास ऋण बाजार, सितंबर के अंत तक सालाना आधार पर 11.1 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 2.1 प्रतिशत बढ़कर 42.1 लाख करोड़ रुपये हो गया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल उपभोग ऋण 15.3 प्रतिशत बढ़कर 109.6 लाख करोड़ रुपये हो गया। स्वर्ण खंड में तेज वृद्धि के कारण इस श्रेणी में कर्ज बढ़ा है।

कंपनी के चेयरमैन सचिन सेठ ने कहा, ‘‘सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने मूल्य और पहुंच दोनों में अपने बाजार नेतृत्व का विस्तार किया है। और नियामक अनुशासन विभिन्न भौगोलिक और जनसंख्या क्षेत्रों में अधिक जिम्मेदार और व्यापक वित्तीय समावेश को प्रोत्साहित कर रहा है।’’

हालांकि, क्रिफ की रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘मांग में नरमी और मौसमी कारकों’ के कारण उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु श्रेणी में सालाना आधार पर वृद्धि धीमी होकर 10.2 प्रतिशत रही।

रिपोर्ट के अनुसार, परिसंपत्ति गुणवत्ता के दृष्टिकोण से, 31-180 दिनों के बीच बकाया उपभोग ऋणों के अनुपात में सुधार हुआ है और यह सितंबर में तीन प्रतिशत हो गया, जो जून में 3.1 प्रतिशत और एक साल पहले की समान अवधि में 3.3 प्रतिशत था।

भाषा रमण अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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