नयी दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) वैश्विक एयरलाइन समूह आईएटीए ने एक से अधिक पायलट वाले वाणिज्यिक उड़ानों के संचालन से जुड़े पायलटों के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 67 वर्ष करने का प्रस्ताव दिया है।
विमानन क्षेत्र में वृद्धि के कारण बढ़ती मांग की तुलना में उपलब्ध पायलटों की कमी के बीच, आईएटीए ने अंतर्राष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (आईसीएओ) को यह प्रस्ताव दिया है।
अंतर्राष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (आईएटीए) दुनिया भर में लगभग 350 एयरलाइन का प्रतिनिधित्व करता है। इनमें एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट शामिल हैं।
‘बहु-पायलट वाणिज्यिक वायु परिवहन पायलट की आयु सीमा 67 वर्ष तक बढ़ाने का प्रस्ताव’ शीर्षक वाली एक रिपोर्ट में आईएटीए ने कहा कि दुनिया भर में विमानन उद्योग के विकास के कारण पायलटों की मांग, आपूर्ति से अधिक हो रही है।
बयान में कहा गया है, ‘‘वाणिज्यिक हवाई परिवहन (सीएटी) पायलटों की आयु सीमा बढ़ाकर अधिक पायलटों को काम जारी रखने की अनुमति देना, संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के 17 सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) में से 15 के अनुरूप है। इसमें अगली पीढ़ी के विमानन पेशेवर (एनजीएपी) कार्यक्रम की पहल भी शामिल है ताकि भविष्य के लिए योग्य विमानन पेशेवरों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके, चाहे वह पुराने उम्मीदवारों की भर्ती हो या मौजूदा पायलटों को बनाए रखना हो।’’
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2006 में, बहु-पायलट उड़ानों के संचालन के लिए पायलटों की ऊपरी आयु सीमा 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी गई थी।
एयरलाइनों के समूह ने कहा कि 67 वर्ष की आयु तक प्रस्तावित वृद्धि एक ‘सतर्क लेकिन सुरक्षा के अनुरूप उचित कदम’ है।
कम से कम तीन देशों – कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड – में पायलटों के लिए कोई ऊपरी आयु सीमा नहीं है, जिनमें सीएटी संचालन करने वाले पायलट भी शामिल हैं।
दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागर विमानन बाजारों में से एक भारत में वाणिज्यिक पायलटों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष है।
भाषा राजेश राजेश रमण
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