नयी दिल्ली, 13 नवंबर (भाषा) फेविकॉल बनाने वाली पिडिलाइट इंडस्ट्रीज को चालू वित्त वर्ष (2022-23) की दूसरी छमाही में मांग सुधरने से बेहतर मार्जिन होने की उम्मीद है। कंपनी के प्रबंध निदेशक भरत पुरी ने यह बात कही।
पुरी ने पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में कहा कि चौथी तिमाही में बेहतर मार्जिन की संभावना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अच्छे मानसून की मदद से ग्रामीण बाजारों में सकारात्मक वृद्धि देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि देश के ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में ऊंची मुद्रास्फीति की वजह से मांग पर काफी असर पड़ा है।
उन्होंने कहा कि पिछले 12-18 महीनों में सबसे बड़ी चिंता उत्पादन लागत में अभूतपूर्व मुद्रास्फीति थी। पुरी ने कहा, ”हालांकि कुछ कच्चे माल की कीमतों में नरमी आ रही है। इससे आगे चलकर मार्जिन बेहतर होने की उम्मीद है।”
उन्होंने पिडिलाइट परिणामों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि पहली छमाही में कंपनी की मात्रा वृद्धि 20 प्रतिशत से अधिक रही है।
पुरी ने कहा कि पिडिलाइट अपने चल रहे पूंजीगत व्यय कार्यक्रम के साथ विकास के अगले चरण के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में कंपनी ने अपने 20 कारखानों की मौजूदा क्षमता का विस्तार किया है। इसके अलावा इस अवधि में कंपनी ने 11 नए कारखाने भी लगाए हैं।
फिलहाल इसकी 85 प्रतिशत तक बिक्री भारत से और 15 प्रतिशत विदेशों से होती है।
भाषा रिया प्रेम
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