नयी दिल्ली, चार नवंबर (भाषा) पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) ने भारत और दक्षिण कोरिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार एवं औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने के लिए बुसान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
समझौता ज्ञापन (एमओयू) का उद्देश्य विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, समुद्री लॉजिस्टिक्स एवं उभरते उद्योगों सहित प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाना है। इससे व्यापार आदान-प्रदान, निवेश व ज्ञान साझा करने का मार्ग प्रशस्त होगा।
बुसान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष यांग जे सेंग ने कहा, ‘‘ बुसान स्मार्ट लॉजिस्टिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और डिजिटल प्रौद्योगिकी के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। भारत की तेज आर्थिक वृद्धि और मजबूत विनिर्माण क्षमता सहयोग के लिए बहुमूल्य अवसर प्रस्तुत करती है।’’
यांग ने कहा कि दक्षिण कोरिया और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2024 में 25.1 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। यह समझौता ज्ञापन गहन व्यापार, प्रौद्योगिकी एवं निवेश साझेदारी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पीएचडीसीसीआई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं महासचिव रंजीत मेहता ने कहा कि भारत, दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। इसमें विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा और डिजिटल बदलाव में सहयोग के लिए अपार अवसर हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ दक्षिण कोरिया की उन्नत प्रौद्योगिकी और भारत के बढ़ते विनिर्माण परिवेश के साथ यह साझेदारी टिकाऊ एवं पारस्परिक रूप से लाभकारी वृद्धि को बढ़ावा दे सकती है।’’
भाषा निहारिका अजय
अजय
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
