इस्लामाबाद/कराची, दो मार्च (भाषा) पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने बृहस्पतिवार को अपनी प्रमुख नीतिगत दर में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी की। इसके साथ ही पड़ोसी देश में उधारी दर 26 साल के उच्चतम स्तर 20 प्रतिशत पर पहुंच गई।
आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से 1.1 अरब डॉलर की मदद हासिल करने के लिए यह कड़ा फैसला करना पड़ा।
यह फैसला ऐसे वक्त में किया गया, जब पाकिस्तानी रुपया औंधे मुंह गिर रहा था और बृहस्पतिवार को यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 18.98 रुपये टूट गया। कारोबार के अंत में पाकिस्तानी रुपया एक डॉलर के मुकाबले 285.09 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया।
आईएमएफ ने ऋण सहायता देने के लिए आर्थिक मोर्चे पर कई सख्त फैसले करने और उन्हें लागू करने की शर्त रखी है।
स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) ने अपने मौद्रिक नीति बयान में कहा कि उसने चालू वित्त वर्ष के लिए अपने मुद्रास्फीति अनुमान को संशोधित कर 27-29 प्रतिशत कर दिया। इससे पहले नवंबर 2022 में इसके 21-23 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था।
भाषा पाण्डेय रमण
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