जम्मू, 25 नवंबर (भाषा) जम्मू-कश्मीर में समग्र कृषि विकास कार्यक्रम (एचएडीपी) के तहत 91,600 से ज्यादा कृषि इकाइयां बनाई गई हैं। इनमें से 75,000 से ज्यादा इकाइयों की निगरानी, उत्पादन ट्रैकिंग ऐप (ओटीए) के जरिए की जा रही है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह कहा।
एचएडीपी, जम्मू-कश्मीर सरकार की एक अग्रणी पहल है जिसे पिछले साल मार्च में शुरू किया गया था। इसका मकसद बीज की गुणवत्ता बढ़ाना, खास फसल की खेती, मशीनीकरण और बाजार संपर्क विकास जैसे 29 खास परियोजनाओं के जरिए कृषि क्षेत्र को बेहतर बनाना है।
एचएडीपी के प्रबंध निदेशक, संदीप कुमार ने कहा कि इस पहल से 1.34 करोड़ ‘मानव दिवस’ रोजगार मिला है, जिससे ग्रामीण इलाकों में खेती रोजी-रोटी का एक अहम जरिया बन गया है।
मुख्य सचिव अटल डुल्लू की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम ने निवेश पर शानदार लाभ दिया है, जिससे कुल 298 करोड़ रुपये का राजस्व हुआ है।
बैठक में किसानों के क्षमता निर्माण में दक्ष किसान पोर्टल की अहम भूमिका पर भी गौर किया गया।
अधिकारी ने बताया कि इस मंच पर 3.5 लाख से ज्यादा किसान पंजीकृत हैं। इनमें से 2.6 लाख ने अलग-अलग दक्षता-आधारित पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। अब तक 2.1 लाख किसानों ने उत्पादकता और आय बढ़ाने के लिए सभी आधुनिक कृषि तकनीक सीखी हैं।
अधिकारी ने कहा कि ज्यादा कीमत वाली और खास फसलों को बढ़ावा देने से जम्मू और कश्मीर दोनों डिवीजन में केसर और काला जीरा समेत 207.8 टन गुणवत्ता बिजाई सामग्री का उत्पादन हुआ।
साथ ही, ओटीए और किसान साथी पोर्टल के जरिए प्रौद्योगिकी को जोड़ने से इस बड़े कृषि विकास कार्यक्रम को लागू करने में वास्तविक समय पर निगरानी से पारदर्शिता बढ़ी है और जवाबदेही मजबूत हुई है।
बैठक के दौरान, मुख्य सचिव ने हर परियोजना के तहत लक्षित इकाइयों की स्थापना पक्का करके ठोस नतीजे पाने पर जोर दिया।
भाषा राजेश राजेश रमण
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