नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर (भाषा) रेटिंग एजेंसी इक्रा ने कहा कि संगठित स्वर्ण ऋण बाजार मार्च 2026 तक 15 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े तक पहुंच सकता है।
पिछले अनुमान के मुताबिक इस स्तर पर मार्च 2027 तक पहुंचने की संभावना जतायी गयी थी।
इक्रा ने कहा कि बैंक अपनी अग्रणी स्थिति को काफी मजबूत कर रहे हैं और एनबीएफसी की तुलना में तेजी से बढ़ रहे हैं।
रेटिंग एजेंसी ने सितंबर 2024 में अनुमान जताया था कि संगठित स्वर्ण ऋण बाजार मार्च 2027 तक 15 लाख करोड़ रुपये के आंकड़ों को छू सकता है।
इक्रा का अब अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 तक बाजार का आकार तेजी से बढ़कर 18 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा।
पूर्वानुमानों में यह संशोधन मुख्य रूप से सोने की कीमतों में लगातार वृद्धि के कारण हुआ है, जिसने नई ऊंचाइयों को छुआ है।
रेटिंग एजेंसी के मुताबिक बैंक अपनी प्रमुख स्थिति को मजबूत कर रहे हैं और वृद्धि में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) से आगे निकल रहे हैं।
इसके अनुसार मार्च 2025 तक बैंकों ने समग्र संगठित स्वर्ण ऋण पोर्टफोलियो में अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाकर 82 प्रतिशत कर ली है।
इक्रा के आंकड़ों के अनुसार, बैंकों की स्वर्ण ऋण प्रबंधन अधीन परिसंपत्ति (एयूएम) वित्त वर्ष 2019-20 और वित्त वर्ष 2024-25 के बीच लगभग 26 प्रतिशत की दर से बढ़ी, जो इसी अवधि के दौरान एनबीएफसी द्वारा दर्ज की गई 20 प्रतिशत की वृद्धि से अधिक है।
भाषा पाण्डेय रमण
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