नयी दिल्ली, 22 अक्टूबर (भाषा) सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने संशोधित आईटी नियमों के तहत यह स्पष्ट कर दिया है कि सोशल मीडिया मंच से ‘अवैध सूचना’ वाली सामग्री को हटवाने के लिए नोटिस केवल वरिष्ठ अधिकारी ही जारी कर सकेंगे और उसमें स्पष्ट विवरण एवं कारणों का भी उल्लेख करना होगा।
मंत्रालय ने कहा कि आईटी नियम 3(1)(डी) के तहत दिए जाने वाले सभी आदेशों की मासिक समीक्षा भी सचिव या समकक्ष स्तर के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ये कार्रवाइयां आवश्यक, आनुपातिक और कानून के अनुरूप हों।
नियम 3(1)(डी) के तहत सोशल मीडिया मंचों को अवैध सूचना के बारे में जानकारी होते ही उसे हटाना जरूरी है।
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस बदलाव से सरकार की जवाबदेही बढ़ेगी और जब भी ऐसा आदेश पारित होगा, उसका कारण स्पष्ट रूप से बताया जाएगा। आदेश अब संयुक्त सचिव या उसके ऊपर और पुलिस मामलों में उप महानिरीक्षक (डीआईजी) या उसके ऊपर के अधिकारी द्वारा ही पारित किए जाएंगे।’’
आईटी मंत्रालय ने एक नोट में कहा कि सरकार ने पारदर्शिता, जवाबदेही और सुरक्षा उपायों को बढ़ाने के लिए आईटी नियम, 2021 के नियम 3(1)(डी) में संशोधनों को अधिसूचित कर दिया है।
इस नोट में कहा गया है कि इस संशोधन का उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक अधिकारों के संरक्षण को सुनिश्चित करना है। इसके तहत नोटिस में कानूनी आधार, संबंधित सांविधिक प्रावधान, अवैध कृत्य का प्रकार और हटाई जाने वाली सामग्री का यूआरएल या पहचान संकेत स्पष्ट रूप से बताना होगा।
इस संशोधन के जरिये यह संतुलन स्थापित करने की कोशिश की गई है कि नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन न हो और सरकार की वैध निगरानी एवं नियम लागू करने की क्षमता भी सुनिश्चित हो।
मंत्रालय ने कहा कि विस्तृत और कारण सहित नोटिस देने से ऑनलाइन मंचों को कानूनी अनुपालन में मार्गदर्शन मिलेगा और कानून के तहत लागू प्रतिबंधों में संतुलन और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों को बनाए रखा जाएगा।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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