scorecardresearch
Wednesday, 1 April, 2026
होमदेशअर्थजगततेल उत्पादकों ने राजस्थान को सरसों राज्य घोषित करने की मांग की

तेल उत्पादकों ने राजस्थान को सरसों राज्य घोषित करने की मांग की

Text Size:

जयपुर, 11 मार्च (भाषा) तेल उत्पादकों ने राजस्थान को सरसों राज्य घोषित करने की मांग की है, क्योंकि देश के तिलहन उत्पादन में उसकी हिस्सेदारी 40-45 प्रतिशत है। उद्योग जगत के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि इस संबंध में राजस्थान सरकार से आग्रह किया गया है।

भारतीय सरसों तेल उत्पादक संघ (एमओपीए) के अध्यक्ष बाबू लाल दाता ने यहां संवाददाताओं से कहा कि केंद्रीय तेल उद्योग और व्यापार संगठन (सीओओआईटी) के तत्वावधान में यह उद्योग निकाय खाद्य तेल के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए यहां एक संगोष्ठी आयोजित कर रहा है।

दाता ने कहा कि हम बार-बार सरकार से राजस्थान को सरसों राज्य घोषित करने का आग्रह कर रहे हैं। देश के सरसों उत्पादन में लगभग 40-45 प्रतिशत राजस्थान का योगदान होता है। यह ऐसी फसल है, जिसे विकास के लिए कम से कम पानी की आवश्यकता होती है।

दो दिवसीय अखिल भारतीय रबी तिलहन संगोष्ठी का 43वां संस्करण शनिवार को जयपुर में शुरू हुआ।

भाषा राजेश राजेश पाण्डेय

पाण्डेय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments