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Monday, 23 March, 2026
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विदेशों की जारी तेजी, त्योहारी मांग के बीच तेल-तिलहन के दाम बढ़े

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नयी दिल्ली, 16 अक्टूबर (भाषा) विदेशी बाजारों में तेजी जारी रहने तथा त्योहारी मांग बढ़ने के बीच स्थानीय बाजार में बृहस्पतिवार को सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, बिनौला तेल, पामोलीन दिल्ली एवं कांडला तेल के दाम में सुधार आया जबकि सामान्य कामकाज के बीच मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तिलहन और कच्चे पामतेल (सीपीओ) के दाम स्थिर बने रहे।

मलेशिया एक्सचेंज और शिकॉगो एक्सचेंज दोनों में सुधार जारी है। कल रात भी शिकॉगो एक्सचेंज लगभग एक प्रतिशत मजबूत बंद हुआ था।

सरकार ने बुधवार देर रात खाद्य तेलों का आयात शुल्क मूल्य भी बढ़ाया। पामोलीन का आयात शुल्क मूल्य 25 रुपये क्विंटल, सीपीओ का 22 रुपये क्विंटल बढ़ाया। सोयाबीन डीगम तेल का आयात शुल्क मूल्य नौ रुपये क्विंटल बढ़ाया है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि कल खाद्य तेलों के एक प्रमुख संगठन ने देश में सितंबर के महीने में आयात बढ़ने का ब्योरा जारी किया था। बेहतर होता वह आयात बढ़ने के असल कारणों और खाद्य तेल उद्योग पर होने वाले प्रभावों के बारे में भी जानकारी साझा करते। आम तौर पर खरीफ फसल के आने के समय आयात नहीं बढ़ता लेकिन संभवत: अपने पिछले घाटे को पूरा करने के लिए और बैंकों में अपना ‘लेटर आफ क्रेडिट’ (ऋण साखपत्र) घुमाते रहने के लिए, आयातक आगामी आयात की मात्रा और बढ़ा देते हैं। यह दुष्चक्र जारी रहता है तो इससे बैंकों, किसानों और तेल उद्योग को ही नुरकसान हो सकता है।

सूत्रों ने कहा कि इस खाद्य तेल निकाय को यह भी विचार करना होगा कि आयातक लागत से लगभग पांच प्रतिशत नीचे दाम पर सोयाबीन डीगम तेल क्यों बेच रहे हैं। वह भी ऐसे समय में यह बिक्री की जा रही है जब खरीफ की फसल तैयार खड़ी है। क्या यह हमारे किसानों के लिए नुकसानदेह हो सकता है? क्या आयातकों का नुकसान बढ़ता रहेगा और उसी हिसाब से आयात बढ़ता रहेगा? इस ओर भी खाद्य तेल निकाय को विचार करना चाहिये।

उन्होंने कहा कि असलियत यह है कि सोयाबीन, सूरजमुखी और मूंगफली तिलहनों के दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से लगभग 15-25 प्रतिशत के दायरे में नीचा बिक रहे हैं। तेल तिलहन मामले में आत्मनिर्भरता के लिए इस बात की ओर भी ध्यान देने की जरूरत है।

सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन तिलहन की आवक के दबाव के बीच सोयाबीन तिलहन के दाम स्थिर रहे। दीवाली के बाद यह आवक और बढ़ेगी, उस समय के लिए भी चिंता करनी होगी।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 7,025-7,075 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 5,700-6,075 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 13,750 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,255-2,555 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 14,750 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,475-2,575 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,475-2,610 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,525 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,175 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 10,275 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 11,950 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,450 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,600 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 12,600 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 4,350-4,400 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,050-4,150 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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