नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निदेशक मंडल ने ‘को-लोकेशन’ घोटाला मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को अपनी पूर्व प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) चित्रा रामकृष्ण के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
सीबीआई रामकृष्ण के पिछले साल मार्च में गिरफ्तार होने के बाद उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए एनएसई की मंजूरी का इंतजार कर रही थी। चित्रा को ‘को-लोकेशन’ घोटाला मामले में एजेंसी ने मई, 2018 में प्राथमिकी दर्ज करने के लगभग चार साल बाद पिछले साल मार्च में गिरफ्तार किया था।
सीबीआई एनएसई के कंप्यूटर सर्वरों से शेयर ब्रोकरों को सूचनाओं के कथित रूप से गलत तरीके से प्रसार की जांच कर रही है। एनएसई की को-लोकेशन सुविधा शेयर ब्रोकरों को एक्सचेंज परिसर में विशिष्ट रैक किराए पर लेने और अपने सर्वर और सिस्टम स्थापित करने की अनुमति देती है।
एनएसई के निदेशक मंडल ने सात फरवरी को हुई बैठक में सीबीआई को इस घोटाले में रामकृष्ण समेत वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी। आरोप है कि ‘को-लोकेशन’ मामले में कुछ ब्रोकरों को कारोबार को लेकर सूचना की पहुंच के मामले मे कथित रूप से वरीयता दी गई थी।
रामकृष्ण को सीबीआई के इस मामले में पिछले साल सितंबर में जमानत मिल गई थी। पिछले साल दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी धन शोधन के एक मामले में रामकृष्ण को जमानत दे दी थी।
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