मुंबई, 10 फरवरी (भाषा) वित्त वर्ष 2022-23 में डिजिटल मुद्रा लाने की बजट घोषणा के चंद दिनों बाद ही भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बृहस्पतिवार को कहा कि केंद्रीय बैंक इस दिशा में जल्दबाजी नहीं करना चाहता है और सभी पहलुओं पर गौर कर रहा है।
दास ने मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) लाने की कोई समयसीमा नहीं तय की गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को बजट पेश करते हुए कहा था कि रिजर्व बैंक अगले वित्त वर्ष में एक डिजिटल मुद्रा लेकर आएगा।
इस बारे में गवर्नर ने कहा, ‘‘हम डिजिटल मुद्रा लाने में जल्दबाजी नहीं करना चाहते हैं। हम पूरी सावधानी और सजगता से इससे जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा कर रहे हैं, क्योंकि इसमें कई तरह के जोखिम भी हैं। सबसे बड़ा जोखिम साइबर सुरक्षा और जालसाजी का है।’’
उन्होंने कहा कि सीबीडीसी के एक नए मौद्रिक उत्पाद होने से सभी केंद्रीय बैंक इस दिशा में बेहद सावधानी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसके लिए कोई समयसीमा नहीं तय करना चाहता। हम बजट 2022-23 में उल्लिखित इस पहलू की तरफ आगे बढ़ेंगे।’’
इस मौके पर रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर टी रविशंकर ने कहा कि सीबीडीसी लाने के लिए जरूरी कानूनी संशोधन होने के साथ ही आरबीआई पायलट एवं साक्ष्य के स्तर पर आगे बढ़ सकता है।
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प्रेम अजय
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