लखनऊ, आठ सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश भू-सम्पदा नियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) के अनुसार गौतम बुद्ध नगर, लखनऊ, गाजियाबाद, वाराणसी और मेरठ में रियल एस्टेट परियोजनाओं से संबंधित उपभोक्ता शिकायतों की संख्या सबसे अधिक हैं।
यूपी रेरा को रेरा अधिनियम की धारा 31 के तहत 58,545 शिकायतें मिली हैं। प्राधिकरण ने रविवार को एक बयान में कहा कि इनमें से 50,812 मामलों का निपटारा किया जा चुका है, जो 85.20 प्रतिशत की निपटान दर को दर्शाता है।
इसके अनुसार उत्तर प्रदेश में दर्ज की गई शिकायतें देश भर में दर्ज सभी उपभोक्ता शिकायतों का 39 प्रतिशत हैं।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक 2025 में यूपी रेरा में 2,394 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनमें से 1,810 का निपटारा हो चुका है।
प्राधिकरण ने कहा कि ज्यादातर शिकायतें कब्जे में देरी, धन वापसी और प्रवर्तकों के ब्याज भुगतान से संबंधित हैं।
बयान में कहा गया, ”शिकायतों का वितरण राज्य के शहरी केंद्रों के विकास की गति को भी दर्शाता है। उपभोक्ता शिकायतों के मामले में शीर्ष पांच जिले गौतम बुद्ध नगर, लखनऊ, गाजियाबाद, वाराणसी और मेरठ हैं। ये जिले रियल एस्टेट विकास के प्रमुख केंद्र हैं और इस वजह से आवास परियोजनाओं और कब्जे में देरी से संबंधित ज्यादातर शिकायतें भी यही हैं।”
उप्र रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि प्राधिकरण घर खरीदारों के अधिकारों की रक्षा और रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के मिशन के साथ काम कर रहा है।
उन्होंने कहा, ”शिकायतों के निपटान की उच्च दर प्राधिकरण की दक्षता और समय पर न्याय के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हम प्रवर्तकों की जवाबदेही सुनिश्चित करने और राज्य भर में उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए अपने प्रयासों को और मजबूत करते रहेंगे।”
भाषा किशोर जफर मनीषा पाण्डेय
पाण्डेय
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