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Wednesday, 4 March, 2026
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सोर्स कोड साझा करने के बारे में सरकार से नहीं मिला कोई निर्देशः उद्योग निकाय

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नयी दिल्ली, 14 जनवरी (भाषा) इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने किसी भी मोबाइल फोन विनिर्माता को अनिवार्यतः अपना सोर्स कोड साझा करने के लिए नहीं कहा है। आईटी हार्डवेयर विनिर्माताओं के संगठन एमएआईटी ने बुधवार को यह बात कही।

‘सोर्स कोड’ मूल कंप्यूटर भाषा में लिखित निर्देश होता है जिसकी मदद से किसी सॉफ्टवेयर, मोबाइल ऐप या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को यह बताया जाता है कि उसे क्या करना है और कैसे काम करना है। इस कोड के ही आधार पर मोबाइल फोन चलना, ऐप खुलना, भुगतान या डेटा सुरक्षा संभव होता है।

हाल ही में ऐसी चर्चा सामने आई थी कि विनिर्माताओं को सुरक्षा जांच के लिए अपना सोर्स कोड परीक्षण प्रयोगशाला के साथ साझा करना पड़ सकता है।

सूचना प्रौद्योगिकी विनिर्माण संघ (एमएआईटी) ने कहा, ‘सरकार के 18 जून, 2025 को जारी कार्यालय ज्ञापन में यह बात साफ तौर पर कही गई है कि सोर्स कोड साझा करना अनिवार्य नहीं है। हम यह स्पष्ट करते हैं कि मंत्रालय की यह हिदायत पुरानी किसी भी व्याख्या या मसौदे के ऊपर है।’

इस संगठन में एप्पल, सैमसंग, वनप्लस, एचपी, नोकिया, लेनोवो और डिक्सन जैसी बड़ी फोन विनिर्माण कंपनियां शामिल हैं।

संगठन ने कहा कि उसकी आंतरिक चर्चाओं से जुड़े दस्तावेज केवल सदस्यों के बीच विचार-विमर्श के लिए होते हैं और यह कहना गलत है कि एमएआईटी ने सोर्स कोड साझा करने का समर्थन किया है।

मंत्रालय ने हाल में कहा कि मोबाइल सुरक्षा को लेकर उद्योग जगत के साथ नियमित बातचीत की जा रही है। मंत्रालय ने कहा कि स्मार्टफोन अब बैंकिंग, सरकारी सेवाओं और निजी जानकारी के लिए बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहे हैं, लिहाजा इनकी सुरक्षा बेहद अहम है।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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