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Sunday, 15 March, 2026
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एनसीएलटी ने अपने खिलाफ ऋणशोधन प्रक्रिया शुरू करने की वेव मेगासिटी की याचिका खारिज की

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नयी दिल्ली, छह जून (भाषा) राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने सोमवार को रियल एस्टेट कंपनी वेव मेगासिटी सेंटर की स्वयं के खिलाफ दिवाला कार्यवाही शुरू करने के आवेदन को खारिज कर दिया।

एनसीएलटी के सदस्य भास्कर पंतुला मोहन और हेमंत कुमार सारंगी की पीठ ने कॉरपोरेट ऋण शोधन कार्यवाही (सीआईआरपी) शुरू करने की अर्जी खारिज कर दी।

वेव मेगासिटी सेंटर लि. ने कहा कि वह एनसीएलटी के आदेश का आकलन करेगी और अगले कदम के बारे में निर्णय करेगी। कंपनी उत्तर प्रदेश के नोएडा में वाणिज्यिक और रिहायशी परियोजनाओं का विकास कर रही है।

कंपनी ने मार्च, 2021 में ऋणशोधन अक्षमता एवं दिवाला संहिता (आईबीसी) की धारा 10 के तहत एनसीएलटी में याचिका दायर की थी। आईबीसी की धारा 10 कर्जदार को ऋण लौटाने में चूक की स्थिति में स्वयं के खिलाफ दिवाला कार्यवाही शुरू करने की अनुमति देती है।

रियल्टी कंपनी ने अपनी याचिका में दावा किया था कि उसने नोएडा प्राधिकरण को 1,222.64 करोड़ रुपये देने थे, लेकिन वह बकाये के भुगतान में असमर्थ है।

इस बारे में संपर्क किये जाने पर वेब मेगासिटी सेंटर के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी एनसीएलटी के आदेश का आकलन करेगी और अगले कदम के बारे में निर्णय करेगी।

एनसीएलटी को आवेदन प्राप्त होने के 14 दिन के भीतर याचिका पर निर्णय करना होता है। हालांकि, फ्लैट और संपत्ति मालिकों के विरोध के कारण मामले में विलंब हुआ है।

याचिका के अनुसार कंपनी को वित्त वर्ष 2019-20 में 875.62 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

भाषा

रमण अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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