नयी दिल्ली, 24 अक्टूबर (भाषा) राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने दिवालिया घोषित होने की कगार पर खड़ी शिक्षा-प्रौद्योगिकी कंपनी बायजू को कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है।
बायजू ने आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) को राइट्स इश्यू की मंजूरी के लिए अपनी असाधारण आम बैठक (ईजीएम) बुलाने से रोकने की मांग की थी।
न्यायाधिकरण ने 29 अक्टूबर, 2025 को होने वाली ईजीएम पर रोक लगाने की बायजू की याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि ”इस याचिका को स्वीकार करने से कंपनी के स्वतंत्र अधिकारों को कमजोर करने वाली एक असंगत स्थिति सामने आएगी।”
एनसीएलटी ने कहा, ”एक शेयरधारक के रूप में याचिकाकर्ता (बायजू) प्रतिवादी संख्या एक (एईएसएल) की स्थिति जानने के लिए वैध रूप से वित्तीय दस्तावेज मांग सकता है, लेकिन प्रस्तावित राइट्स इश्यू से धन पाने को अनुचित नहीं कहा जा सकता है।”
न्यायाधिकरण ने अपने आदेश में कहा कि ‘बायजू’ ब्रांड नाम से कारोबार करने वाली कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड ने इसी मुद्दे पर एनसीएलटी की बेंगलुरु पीठ के समक्ष अपने समाधान पेशेवर के माध्यम से याचिका दायर की हुई है।
बायजू ने एईएसएल के प्रस्तावित ईजीएम को स्थगित रखने का अनुरोध किया था, क्योंकि राइट्स इश्यू के कारण आकाश में उसकी हिस्सेदारी 25 प्रतिशत से घटकर पांच प्रतिशत से भी कम रह जाएगी।
न्यायाधिकरण की दो-सदस्यीय पीठ ने कहा कि इसी तरह के एक अन्य मुद्दे पर एक याचिका उसके समक्ष लंबित है, और पक्षों की सहमति से तय तिथियों पर विस्तृत बहस जारी है।
भाषा पाण्डेय प्रेम
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