नयी दिल्ली, 20 नवंबर (भाषा) केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने बृहस्पतिवार को घरेलू फार्मास्युटिकल उद्योग से आयात पर निर्भरता कम करते हुए ज़रूरी कच्चे माल के मामले में आत्मनिर्भर बनने को कहा।
अगले दशक की प्राथमिकताओं को बताते हुए रसायन एवं उवर्रक मंत्री ने आयातित महत्वपूर्ण सक्रिय औषधीय तत्व (एपीआई) पर निर्भरता कम करने, आत्मनिर्भरता को मज़बूत करने और दुनिया की फार्मेसी से दुनिया की प्रयोगशाला में बदलने की अपील की।
ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ फार्मास्युटिकल प्रोड्यूसर्स ऑफ़ इंडिया (ओपीपीआई) के 60वें सालाना सम्मेलन में एक वीडियो संदेश में उन्होंने उद्योग के अगुवा लोगों से बायोसिमिलर, नए मॉलिक्यूल्स, जीन और सेल थेरेपी, एआई-संचालित दवा खोज एवं ‘एडवांस्ड डायग्नोस्टिक्स’ में नवाचार को तेज़ करने की अपील की।
उन्होंने आयुष्मान भारत जैसी बड़ी पहल पर भी ज़ोर दिया, जो 60 करोड़ से ज़्यादा लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा दे रही है, और जन औषधि केंद्र, जिनसे ज़रूरी दवाओं की कीमत काफ़ी कम हो गई है।
नड्डा ने कहा कि भारत तेज़ी से एक वैश्विक शोध एवं डिजिटल नवाचार केंद्र के रूप में उभर रहा है, जहां 1,600 से ज़्यादा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर हैं—जिनमें फार्मास्युटिकल्स और जीवन विज्ञान के कई केंद्र शामिल हैं—जो ताजा विकासक्रम को आगे बढ़ा रहे हैं।
भाषा राजेश राजेश अजय
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