नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) अडाणी समूह के लिये राहत की खबर है। वित्तीय सूचकांक प्रदान करने वाली एमएससीआई ने अडाणी समूह की दो कंपनियों …अडाणी टोटल गैस और अडाणी ट्रांसमिशन…का अपने सूचकांकों में भारांश घटाने के संबंध में समीक्षा को टाल दिया है। कंपनी ने इसके लिये कीमत सीमा व्यवस्था के कारण पड़ने वाले संभावित प्रभाव को वजह बताया है।
पहले के फैसले के तहत भारांश में बदलाव इस महीने से प्रभाव में आना था। लेकिन अब इसे मई तक के लिये टाल दिया गया है।
एमएससीआई (मोर्गन स्टेनले कैपिटल इंटरनेशनल) ने एक बयान में कहा कि फरवरी, 2023 की सूचकांक समीक्षा में इन दो प्रतिभूतियों की वास्तविक स्थिति 16 फरवरी से एमएससीआई सूचकांक उत्पाद फाइल में दिखाई देगी।
वैश्विक सूचकांक प्रदाता ने देरी के पीछे मुख्य कारण के रूप में अडाणी समूह की दो कंपनियों में मूल्य सीमा तंत्र से प्रभाव के कारण संभावित दोहराव का हवाला दिया।
एमएससीआई ने बृहस्पतिवार को बयान में कहा कि अडाणी समूह से संबद्ध विशिष्ट प्रतिभूतियों में कीमत सीमा व्यवस्था के कारण संभावित दोहराव मुद्दों के कारण पूर्व में घोषित योजना को टालने का निर्णय किया गया है। इसके तहत अडाणी टोटल गैस और अडाणी ट्रांसमिशन की समीक्षा मई, 2023 तक टालने का निर्णय किया है।
पिछले छह कारोबारी सत्रों में अडाणी ट्रांसमिशन और अडाणी टोटल गैस के शेयर अपने निचले सर्किट पर पहुंचे हैं।
एमएसीआई के अनुसार दोहराव की आशंका के साथ प्रमुख आंकड़ों को लेकर अनिश्चितता का भी मामला है।
इससे पहले, एमएससीआई ने कहा था कि वह समूह की कंपनियों की कुछ प्रतिभूतियों को ‘फ्री फ्लोट’ का दर्जा देने की समीक्षा कर रही है।
एमएससीआई के अनुसार ‘फ्री फ्लोट’ का मतलब है बाजार में सभी हिस्सेदारों के पास उपलब्ध शेयर के अनुपात में कितने शेयर बाजार में वैश्विक निवेशकों की खरीद के लिये उपलब्ध हैं।
भाषा
रमण अजय
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