मुंबई, 27 अक्टूबर (भाषा) मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को घोषणा की कि महाराष्ट्र ने समुद्री परियोजनाओं में कुल 56,000 करोड़ रुपये के निवेश के 15 समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
उन्होंने कहा कि भारत समुद्री सप्ताह के दौरान हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) बंदरगाह और सहायक गतिविधियों के विस्तार, शिपयार्ड के विकास, प्रौद्योगिकी सहित कई पहलुओं पर हैं। हालांकि, उन्होंने निवेश की समयसीमा का उल्लेख नहीं किया।
केंद्र सरकार का लक्ष्य इस सप्ताह 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर करना है, जिसका उद्घाटन सोमवार को हुआ।
फडणवीस ने कहा, ‘‘कुल मिलाकर, (महाराष्ट्र द्वारा हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों में) 56,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।’’ उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि सभी समझौता ज्ञापनों के साथ, हम महाराष्ट्र को भारत की एक समुद्री महाशक्ति बनाने के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।’’ उन्होंने प्रमुख समझौतों की मुख्य विशेषताओं का उल्लेख किया।
फडणवीस ने बताया कि सोमवार को हस्ताक्षरित समझौतों में दिघी बंदरगाह के विस्तार के लिए अदाणी समूह की एक इकाई के साथ समझौता और केंद्र सरकार के साथ बंदरगाह के आसपास एक बहुत बड़ा औद्योगिक क्षेत्र विकसित करना शामिल है।
फडणवीस ने कहा कि जेएसडब्ल्यू समूह ने जयगढ़ बंदरगाह पर अपनी सुविधा का विस्तार करने की भी प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 700 किलोमीटर लंबी तटरेखा वाले बंदरगाहों पर विस्तार गतिविधियां वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के साथ एकीकरण के व्यापक उद्देश्य में मदद करेंगी।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा, महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में उद्घाटन किए गए नवी मुंबई हवाई अड्डे से ‘वॉटर टैक्सी’ सेवा शुरू करने की भी योजना बनाई है। उन्होंने आगे कहा कि अदाणी समूह द्वारा संचालित यह हवाई अड्डा राष्ट्रीय स्तर पर ऐसा पहला हवाई अड्डा होगा जहां यात्री दक्षिण मुंबई स्थित गेटवे ऑफ इंडिया से आ-जा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार जल परिवहन और जल क्रीड़ा पारिस्थितिकी तंत्र के लिए मुंबई में एक अत्याधुनिक मरीना भी बना रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके साथ ही, महाराष्ट्र ने समुद्री क्षेत्र में प्रौद्योगिकी, मानव संसाधन विकास और उत्कृष्टता केंद्र बनाने के लिए समर्पित समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे और पूरे समुद्री व्यापार में सर्वोत्तम पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करेंगे। आपकी यात्रा निर्बाध होगी। हम समझते हैं कि हम तभी सफल होंगे जब आप सफल होंगे।’’
भाषा राजेश राजेश अजय
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