नयी दिल्ली, 10 जनवरी (भाषा) अमेरिकी शुल्क के भारी प्रभावों का सामना कर रहे निर्यातकों को समर्थन देने के लिए ऋणदाताओं ने 20,000 करोड़ रुपये की क्रेडिट गारंटी योजना (सीजीएसई) के तहत एक महीने में 774 आवेदकों को 3,361.83 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 12 नवंबर 2025 को इस योजना को मंजूरी दी थी। इसके तहत पात्र निर्यातकों को 20,000 करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त ऋण सुविधाएं देने के लिए राष्ट्रीय क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) ऋण संस्थानों (एमएलआई) को 100 प्रतिशत ऋण गारंटी देती है।
सीजीएसई की शुरुआत एक दिसंबर, 2025 को हुई। यह बैंकों और वित्तीय संस्थानों को कुछ प्रतिकूल परिस्थितियों के दौरान भारतीय निर्यातकों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करने में सक्षम बनाती है, जिससे उनके बाजारों में विविधता आएगी और उनकी वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
वित्त मंत्रालय के अधीन वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने एक बयान में कहा कि दो जनवरी, 2026 तक ”8,764.81 करोड़ रुपये के लिए 1,840 आवेदन मिले, जिनमें से ऋणदाताओं ने 3,361.83 करोड़ रुपये के 774 आवेदनों को मंजूरी दी।’
भाषा योगेश पाण्डेय
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