(तस्वीरों के साथ)
तिरुवनंतपुरम, 29 जनवरी (भाषा) केरल के वित्त मंत्री के. एन. बालगोपाल ने आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए 2026-27 के लिए बृहस्पतिवार को जन-केंद्रित बजट पेश किया। इसमें सामाजिक सुरक्षा पेंशनभोगियों की मदद के लिए 14,500 करोड़ रुपये की भारी राशि और कई नए सामुदायिक कार्यक्रमों के वित्तपोषण का प्रस्ताव है।
उन्होंने राज्य के बजट में 12वें वेतन संशोधन आयोग की भी घोषणा की। इससे सरकारी कर्मचारियों के वेतन की प्रत्येक पांच साल में समीक्षा करने की लंबे समय से चली आ रही नीति जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन नीत दूसरी सरकार का छठा बजट पेश करते हुए बालगोपाल ने विधानसभा में मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (आशा) एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1,000 रुपये प्रति माह जबकि आंगनवाड़ी सहायकों के मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि की घोषणा की।
उन्होंने बताया कि प्राथमिक विद्यालय के पूर्व शिक्षकों और साक्षरता अभियान के प्रेरकों (मोटिवेटर) के वेतन में 1,000 रुपये प्रति माह की वृद्धि जबकि विद्यालय के रसोइया कर्मचारियों की दैनिक मजदूरी में 25 रुपये प्रति दिन की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है।
बजट में मुख्यमंत्री की स्त्री सुरक्षा योजना के लिए 3,700 करोड़ रुपये की घोषणा भी की गई है।
इसके अलावा, बजट में ग्रामीण रोजगार योजना के लिए पिछले वर्ष की तुलना में 1,000 करोड़ रुपये के आवंटन में वृद्धि, स्कूली बच्चों सहित सभी श्रेणियों के लोगों के लिए जीवन एवं स्वास्थ्य बीमा योजनाओं और कला एवं विज्ञान कॉलेज के छात्रों के लिए मुफ्त डिग्री शिक्षा की भी घोषणा की गई है।
बजट में तिरुवनंतपुरम से कासरगोड तक क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली (आरआरटीएस) से संबंधित प्रारंभिक कार्यों के लिए 100 करोड़ रुपये के आवंटन की भी घोषणा की गई, जिसे बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल द्वारा सैद्धांतिक मंजूरी दी गई थी। इसमें तटीय क्षेत्र के विकास के लिए लगभग 150 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।
राज्य के बजट में वन और वन्यजीव संरक्षण के लिए 250 करोड़ रुपये से अधिक की राशि की घोषणा भी की गई।
बालगोपाल ने बजट भाषण में केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र केरल का गला घोंट रहा है और उसके कर राजस्व में कटौती कर रहा है।
वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘ घोर उपेक्षा के बावजूद केरल ने प्रगति की है।’’
उन्होंने राज्य के बजट में 12वें वेतन संशोधन आयोग की भी घोषणा की। इसमें 12वें वेतन संशोधन आयोग से तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने की उम्मीद है ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।
बजट में यह भी पुष्टि की गई है कि कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों के सभी लंबित महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) का भुगतान कर दिया जाएगा।
एक किस्त फरवरी के वेतन के साथ और शेष बकाया मार्च के वेतन के साथ दिया जाएगा।
पेंशन के संबंध में, वित्त मंत्री ने औपचारिक रूप से सुनिश्चित पेंशन योजना की घोषणा की जो पात्र कर्मचारियों के लिए अंशदायी राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) का स्थान लेगी। इस योजना के तहत, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत तक प्राप्त होगा, जिसमें डीआर भी शामिल होगा।
बालगोपाल ने कहा, ‘‘ बजट का उद्देश्य केरल की विकास यात्रा को जारी रखते हुए सरकारी कर्मचारियों के लिए उचित वेतन एवं वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है।’’
भाषा निहारिका अजय
अजय
निहारिका
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
