नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) सरकार अगले वित्त वर्ष में स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र को कर्ज देने वाली इरेडा और सार्वजनिक क्षेत्र की इंजीनियरिंग सलाहकार कंपनी वैपकॉस का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की तैयारी कर रही है। निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने यह जानकारी दी।
पांडेय ने पीटीआई-भाषा से कहा कि अगले वित्त वर्ष के लिए 51,000 करोड़ रुपये का विनिवेश लक्ष्य तय किया गया है। इसमें इन कंपनियो की हिस्सेदारी बिक्री से प्राप्त राशि भी शामिल रहेगी।
पांडेय ने कहा, ‘‘इरेडा अगले वित्त वर्ष में आईपीओ के लिए तैयार है। वैपकॉस के लिए दस्तावेजों का मसौदा पहले ही दाखिल किया जा चुका है।’’
दीपम सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में सरकार की इक्विटी हिस्सेदारी का प्रबंधन करता है।
जल शक्ति मंत्रालय के तहत इंजीनियरिंग सलाहकार और निर्माण सेवा कंपनी वैपकॉस ने पिछले साल सितंबर में सरकार के पास अपने 3.25 करोड़ शेयरों की बिक्री के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास दस्तावेजों का मसौदा जमा कराया था। वित्त वर्ष 2021-22 में कंपनी की परिचालन आय 2,798 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 69.16 करोड़ रुपये रहा था।
भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (इरेडा) के आईपीओ को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2017 में मंजूरी दी थी। इरेडा की योजना आईपीओ के तहत 13.90 करोड़ नए शेयर जारी करने की है।
पिछले साल जनवरी में मंत्रिमंडल ने इरेडा में 1,500 करोड़ रुपये के इक्विटी निवेश को मंजूरी दी थी, ताकि उसकी कर्ज देने की क्षमता बढ़ाई जा सके और रोजगार के अतिरिक्त अवसरों का भी सृजन किया जा सके।
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