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Wednesday, 14 January, 2026
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दिसंबर में पी-नोट्स से निवेश घटकर 96,292 करोड़ रुपये पर

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नयी दिल्ली, 23 जनवरी (भाषा) भारतीय पूंजी बाजारों में पार्टिसिपेटरी नोट्स (पी-नोट्स) के जरिये किया गया निवेश मुनाफावसूली होने से दिसंबर महीने में हल्की गिरावट के साथ 96,292 करोड़ रुपये पर आ गया।

पूंजी बाजार नियामक सेबी के आंकड़ों के मुताबिक, इस गिरावट से पहले जुलाई से लेकर नवंबर तक पी-नोट्स से निवेश में लगातार तेजी देखी जा रही थी। कच्चे तेल एवं अन्य जिंसों के दाम गिरने के अलावा भारतीय शेयर बाजारों में तेजी ने भी विदेशी निवेशकों को यहां निवेश के लिए आकर्षित किया था।

हालांकि, दिसंबर के महीने में पी-नोट्स के जरिये भारत में निवेश घटकर 96,292 करोड़ रुपये रह गया। नवंबर के अंत में यह राशि 99,315 करोड़ रुपये थी।

पी-नोट्स भारतीय बाजार में पंजीकृत विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीओ) की तरफ से उन विदेशी निवेशकों को जारी किए जाते हैं जो यहां पंजीकरण के बगैर ही भारत में निवेश करना चाहते हैं। हालांकि, इसके लिए विदेशी निवेशकों को जांच-पड़ताल की निर्धारित प्रक्रिया का सामना करना पड़ता है।

जार्विस इन्वेस्ट के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुमित चंदा ने कहा, ‘‘पी-नोट्स के जरिये किया जाने वाला निवेश अमूमन एफपीआई के रुझान का ही अनुकरण करता है। एफपीआई को अन्य उदीयमान बाजारों की तुलना में अब भारतीय बाजार कहीं महंगे लग रहे हैं। उनके लिए यह मुनाफा कमाने का बढ़िया मौका रहा होगा ताकि इसे कहीं और लगा सकें।’’

दिसंबर तक भारतीय बाजार में पी-नोट्स के जरिये किए गए कुल निवेश में से 86,351 करोड़ रुपये अकेले शेयर बाजार में भी लगाए गए थे। ऋण प्रतिभूतियों में 9,855 करोड़ रुपये और हाइब्रिड प्रतिभूतियों में 86 करोड़ रुपये का निवेश था।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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