कोलकाता, 24 अक्टूबर (भाषा) भारत के चमड़ा उद्योग को अमेरिकी शुल्क के प्रभाव के कारण वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान निर्यात में 7-8 प्रतिशत की गिरावट आने की आशंका है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने आगे कहा कि उद्योग ने अपना जुझारूपन दिखाया है और इस झटके को कम करने तथा समग्र कारोबार को स्थिर करने के लिए तेजी से बढ़ते घरेलू बाजार पर भरोसा किया है।
भारतीय चमड़ा उत्पाद संघ (आईएलपीए) ने कहा कि निर्यात में गिरावट का अनुमान है, लेकिन उद्योग जगत के अगुवा लोगों को उम्मीद है कि घरेलू बाजार में मजबूत वृद्धि से नुकसान की भरपाई करने में मदद मिलेगी और वित्तवर्ष 2026-27 में समग्र मुनाफा भी हो सकता है।
आईएलपीए के अध्यक्ष अर्जुन कुलकर्णी ने अपने पहले बी2बी मेले और फैशन शो के उद्घाटन समारोह में कहा, ‘‘चालू वित्तवर्ष में, अमेरिकी शुल्क के प्रभाव के कारण निर्यात मूल्य में 7-8 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है।’’
पिछले वित्तवर्ष में इस क्षेत्र का कुल निर्यात 5.7 अरब डॉलर था।
भाषा राजेश राजेश पाण्डेय
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