नयी दिल्ली, 24 फरवरी (भाषा) नए आधार वर्ष 2022-23 की संशोधित श्रृंखला के तहत चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 8.1 प्रतिशत के करीब रहने की उम्मीद है। मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया।
चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में देश की अर्थव्यवस्था आठ प्रतिशत की दर से बढ़ी है।
पिछले महीने राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के पहले अग्रिम अनुमान के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद में 7.4 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत थी।
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी के दूसरे अग्रिम अनुमान 27 फरवरी को जारी किए जाएंगे। इनमें नए आंकड़े और संशोधन शामिल होंगे।
इसलिए, पहले और दूसरी तिमाही के सभी पुराने आंकड़े भी नए आधार वर्ष 2022-23 के अनुसार बदल सकते हैं।
भारतीय स्टेट बैंक के आर्थिक अनुसंधान विभाग की रिपोर्ट में कहा गया, ‘तीसरी तिमाही में आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खपत मजबूत है, जो खेती और गैर-कृषि गतिविधियों से मिले सकारात्मक संकेतों की वजह से है।’
रिपोर्ट में कहा गया कि तीसरी तिमाही में वास्तविक जीडीपी की वृद्धि लगभग 8.1 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। हालांकि, नई गणना पद्धति में महत्वपूर्ण बदलाव होने के कारण संशोधन की दिशा का अनुमान लगाना कठिन है।
इसमें आगे कहा गया कि अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) की जमा वृद्धि ऋण वृद्धि की तुलना में धीमी बनी हुई है।
आरबीआई के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, कुल जमा में 12.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि ऋण में 14.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
भाषा योगेश अजय
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