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Wednesday, 1 April, 2026
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भारत महत्वपूर्ण खनिजों की सुचारू आपूर्ति के लिए ऑस्ट्रेलिया से करेगा बातचीत

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नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) भारत महत्वपूर्ण खनिजों की सुचारू आपूर्ति के लिए ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत चर्चा करने पर विचार कर रहा है। सूत्रों ने यह जानकारी दी है। इन खनिजों की भारत के घरेलू बाजार में भारी मांग है।

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने दिसंबर 2022 में एक आर्थिक सहयोग व्यापार समझौता (ईसीटीए) लागू किया है और अब इसे विस्तार देकर व्यापक समझौता (व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता या सीईसीए) में बदलने पर वार्ता चल रही है।

भारत 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा देने का लक्ष्य बना रहा है, इसलिए यहां लीथियम, टाइटेनियम, वैनेडियम, कोबाल्ट, निकल और ग्रेफाइट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की भारी मांग है।

भारत की लीथियम-आयन बैटरी विनिर्माण क्षमता फिलहाल सीमित है और वह भी ज्यादातर आयात पर निर्भर है।

खनन मंत्रालय के अंतर्गत तीन केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों के एक संयुक्त उद्यम खनिज बिदेश इंडिया लिमिटेड (काबिल) और ऑस्ट्रेलिया सरकार के महत्वपूर्ण खनिज सुविधा कार्यालय (सीएमएफओ) के बीच एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए हैं। इसका लक्ष्य द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना और सुरक्षित, मजबूत और व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने के साझा लक्ष्य का मार्ग प्रशस्त करना है।

सूत्रों ने बताया कि फिलहाल कुछ भी निश्चित नहीं हुआ है लेकिन विचार चल रहा है कि ‘हम किसी ऐसी व्यवस्था के बारे में सोच सकते हैं, जिसके तहत भारत को इन खनिजों की सुनिश्चित आपूर्ति मिल सके।’

भाषा अनुराग पाण्डेय

पाण्डेय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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