नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) भारत वर्ष 2025 में ‘ऊर्जा और पर्यावरण डिजाइन में नेतृत्व’ (एलईईडी) प्रमाणित क्षेत्रफल के मामले में अमेरिका से इतर देशों के बीच दूसरे स्थान पर रहा। अमेरिकी हरित भवन परिषद (यूएसजीबीसी) ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
एलईईडी एक प्रमाणन व्यवस्था है जो किसी भवन या निर्माण परियोजना की ऊर्जा दक्षता, पर्यावरणीय टिकाऊपन और संसाधनों के प्रभावी उपयोग को मापती है।
यूएसजीबीसी और ग्रीन बिजनेस सर्टिफिकेशन इंक (जीबीसीआई) ने 2025 के लिए अमेरिका के बाहर के शीर्ष 10 देशों और क्षेत्रों की वार्षिक रैंकिंग जारी की।
इस सूची में चीन पहले और भारत दूसरे स्थान पर रहा है जबकि वियतनाम पहली बार शीर्ष 10 में शामिल हुआ है।
अमेरिका वैश्विक स्तर पर एलईईडी को अपनाने में अग्रणी है, जहां कुल प्रमाणित क्षेत्र पांच करोड़ वर्ग मीटर से अधिक है।
पिछले साल दुनिया भर में 7,500 से अधिक वाणिज्यिक परियोजनाओं को यह प्रमाणपत्र मिला जिनका कुल क्षेत्र 14.7 वर्ग मीटर से अधिक है।
बयान के मुताबिक, भारत में एलईईडी परियोजनाओं का बाजार तेजी से बढ़ रहा है और कुल प्रमाणित क्षेत्र में 1.6 करोड़ वर्ग मीटर साथ यह अमेरिका के बाहर दूसरे स्थान पर रहा।
रियल एस्टेट बाजार में अब यह प्रमाणन सिर्फ कार्यालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि औद्योगिक निर्माण, गोदाम, आतिथ्य, खुदरा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी अपनाया जा रहा है।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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