नयी दिल्ली, 13 अप्रैल (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ओमान के अपने समकक्ष अनवर बिन हिलाल बिन हमदान अल जबरी के साथ सोमवार को द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की।
गोयल ने पिछले कुछ दिनों में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), बहरीन और कुवैत के व्यापार मंत्रियों के साथ भी बातचीत की है।
गोयल ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी, ‘‘ ओमान के वाणिज्य, उद्योग एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री एचई अनवर बिन हिलाल बिन हमदान अल जबरी के साथ टेलीफोन पर बातचीत की। भारत-ओमान सीईपीए के तहत अवसरों को बढ़ाने पर चर्चा की जिससे दोनों देशों के पारस्परिक विकास के लिए द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश संबंधों को बढ़ावा दिया जा सके।’’
समग्र आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) पर दिसंबर, 2025 में मस्कट में हस्ताक्षर किए गए थे। इसे अभी लागू नहीं किया गया है।
इस समझौते के तहत भारत के 98 प्रतिशत निर्यात को ओमान में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी। इनमें वस्त्र, कृषि और चमड़ा उत्पाद शामिल हैं।
दूसरी ओर, भारत ओमान के खजूर, संगमरमर और पेट्रोरसायन उत्पादों पर शुल्क कम करेगा।
भारत-ओमान द्विपक्षीय व्यापार 2024-25 में लगभग 10.5 अरब अमेरिकी डॉलर रहा (निर्यात चार अरब डॉलर और आयात 6.54 अरब डॉलर)।
अमेरिका और इजराइल के ईरान पर किए गए संयुक्त हमले के कारण अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में, विशेषकर पश्चिम एशियाई देशों की ओर जाने वाले जहाजों की आवाजाही में गंभीर बाधाएं आई हैं।
इस संघर्ष ने निर्यातकों के लिए खाड़ी क्षेत्र में माल भेजने में चुनौतियां उत्पन्न कर दी हैं, जिसके साथ भारत का 2024-25 में 178 अरब अमेरिकी डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार रहा (निर्यात 56.87 अरब डॉलर और आयात 121.67 अरब डॉलर)।
भाषा निहारिका अजय
अजय
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
