दावोस, 18 जनवरी (भाषा) भारत फार्मा और चिकित्सा-प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर अपनी पैठ जमाने के लिए तैयार है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को कहा कि भारत अब अपना ध्यान ऊंची मात्रा से ऊंचे मूल्य वाले उत्पादों पर दे रहा है।
विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) में अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) में अवसर और जीव-विज्ञान में नवाचार विषय पर गोलमेज बैठक को संबोधित करते हुए मांडविया ने कहा कि भारत सरकार हिंदुस्तानी जीव-विज्ञान को वैश्विक प्रतियोगी क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे घरेलू और वैश्विक बाजारों में दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, पहुंच और कम कीमत सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत फार्मा और चिकित्सा-प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शोध और विकास व नवाचार पर सम्मिलित और समन्वित प्रयास कर रहा है, जिससे स्वदेश में ही विकसित अत्याधुनिक उत्पाद और प्रौद्योगिकी तैयार की जा सके।’’
उन्होंने कहा कि वैश्विक रूप से जीव विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ा हिस्सा (6.65 लाख करोड़ डॉलर के बाजार का लगभग 40 प्रतिशत) नवाचार आधारित उत्पादों में ही है।
मंत्री ने फार्मा और चिकित्सा-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों से जोखिम उठाने और अपनी व्यापारिक रणनीतियों के प्रमुख कारकों के लिए नवाचार को अपनाने की अपील की।
भााषा अनुराग अजय
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