नयी दिल्ली, 21 मार्च (भाषा) केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को कहा कि भारत धीरे-धीरे एक मज़बूत फार्मा अर्थव्यवस्था में बदल रहा है, जो न केवल भविष्य की वृद्धि को तेज़ करेगा, बल्कि देश के कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में भी एक अहम योगदान देने वाला बनेगा।
मंत्री ने एक स्वास्थ्य देखरेख सम्मेलन में कहा कि भारत के दवा, चिकित्सा प्रौद्योगिकी और विनिर्माण पारिस्थिकी तंत्र की बढ़ती ताकत देश को एक अहम वैश्विक विनिर्माण केन्द्र के तौर पर स्थापित कर रही है, खासकर उच्च-गुणवत्ता वाले और किफ़ायती स्वास्थ्य देखरेख समाधानों के क्षेत्र में।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत का स्वास्थ्य देखरेख और चिकित्सा प्रौद्योगिकी पारिस्थिकी तंत्र एक बड़े बदलाव से गुज़र रहा है, जिसमें वैश्विक गुणवत्ता मानकों, स्वदेशी नवाचार और शोध को उद्योग के साथ जोड़ने पर ज़ोर दिया जा रहा है।’’
मंत्री ने यह भी बताया कि पिछले एक दशक में, भारत ने स्वास्थ्य देखरेख के क्षेत्र में एक ज़बरदस्त बदलाव देखा है, यह मुख्य रूप से आयात पर निर्भर प्रणाली से हटकर अब स्वदेशी क्षमताओं से चलने वाले प्रणाली में बदल गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘पहले ज़रूरी चिकित्सा उपकरण, प्रत्यारोपण और यहां तक कि उन्नत दवाएं भी ज्यादातर विदेशों से मंगाई जाती थीं, जिससे इलाज महंगा हो जाता था और कई लोगों की पहुंच से बाहर हो जाता था। आज, भारत अपने खुद के एंटीबायोटिक्स, वैक्सीन और उन्नत उपचार प्रणाली विकसित कर रहा है, जो आत्मनिर्भरता की दिशा में एक निर्णायक बदलाव का संकेत है।’’
भाषा राजेश राजेश पाण्डेय
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