बेंगलुरु, आठ फरवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को कहा कि भारत ने फलों, सब्जियों और फूलों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया है।
चौहान ने कहा कि इन क्षेत्रों में आयात अब आवश्यक नहीं होगा।
बेंगलुरु में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर)- भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (आईआईएचआर) में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा कि सरकार का ध्यान उच्च मांग वाली फसलों की पहचान करने और यह सुनिश्चित करने पर है कि उनका घरेलू उत्पादन किसानों के लिए लाभकारी हो।
सरकार के दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए मंत्री ने कहा, ‘हमारा लक्ष्य सरल है। हम फलों, फूलों और सब्जियों का आयात नहीं करेंगे। हमें इन क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनना होगा।’
ग्रामीण विकास, कृषि और किसान कल्याण के केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत पहले ही महत्वपूर्ण प्रगति कर चुका है।
मंत्री ने वर्तमान उत्पादन स्तर को ऐतिहासिक बताया।
पहले आयात पर निर्भर फसलों का जिक्र करते हुए चौहान ने कहा, ‘हम एवोकाडो का आयात करते थे, अब हमने उनका उत्पादन शुरू कर दिया है।’
उन्होंने कहा कि इसी दृष्टिकोण को अन्य उभरती फसलों तक फैलाना आवश्यक है।
चौहान ने कहा, ‘हमें ड्रैगन फ्रूट में भी आत्मनिर्भर बनना होगा।’
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह उन फलों की पहचान करें जिनका घरेलू उत्पादन जरूरी है और किसानों में उनकी खेती को बढ़ावा दें।
उन्होंने कहा, ‘मैंने अधिकारियों को कहा है कि वे उन फलों की पहचान करें जिन्हें भारत में उगाना आवश्यक है। हम किसानों को उनकी खेती के लिए प्रोत्साहित करेंगे।’
चौहान ने यह भी कहा कि लाभप्रदता ही इस पहल का मुख्य आधार होगी। किसान केवल तभी उत्पादन करेंगे जब यह लाभकारी होगा।
सब्जियों के मामले में उन्होंने कहा कि भारत को आयात की कोई बाध्यता नहीं है। सब्जियों के लिए आयात की आवश्यकता नहीं है।
भाषा योगेश प्रशांत
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