छत्रपति संभाजीनगर, 11 मार्च (भाषा) शराब और दवा उद्योगों के लिए कांच की बोतल का उत्पादन करने वाली कंपनी ‘कैनपैक इंडिया’ की भट्टियां एलपीजी की कमी के कारण बंद होने के कगार पर हैं।
कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विक्रम पोटदार ने बुधवार को चेतावनी दी कि यदि अगले चार दिन में एलपीजी की आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो उन्हें संयंत्रों की भट्टियां बंद करनी पड़ सकती हैं।
‘चैंबर ऑफ मराठवाड़ा इंडस्ट्रीज एंड एग्रीकल्चर’ (सीएमआईए) द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान पोटदार ने बताया कि इन भट्टियों को दोबारा चालू करने में कंपनी पर 600 करोड़ रुपये का भारी आर्थिक बोझ पड़ेगा।
वालुज औद्योगिक क्षेत्र स्थित संयंत्रों की स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा, ‘हमारे पास 425 टन क्षमता की दो भट्टियां हैं, जिनमें हर समय 1,700 डिग्री तापमान बनाए रखना अनिवार्य है। यह किसी कार के इंजन जैसा नहीं है जिसे जब चाहें बंद कर दें; उत्पादन न होने पर भी तापमान स्थिर रखना पड़ता है।’
उन्होंने बताया कि इन भट्टियों के लिए ‘लो सल्फर हेवी स्टॉक’ (एलएसएचएस) और एलपीजी मुख्य ईंधन हैं। पोटदार के अनुसार, हमारे पास एलएसएचएस का भंडार तो कुछ दिन के लिए पर्याप्त है, लेकिन एलपीजी खत्म हो रही है और अब केवल चार दिन का स्टॉक शेष है।
भाषा सुमित अजय
अजय
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
