नयी दिल्ली, छह सितंबर (भाषा) निवेशक शिक्षा एवं संरक्षण कोष प्राधिकरण (आईईपीएफए) को एक उच्च स्तरीय समिति ने सिफारिशें दी हैं, जिनका मकसद कम राशि के दावों के लिए जरूरी कागजी प्रक्रिया को सरल बनाना है। एक आधिकारिक बयान में शनिवार को यह जानकारी दी गई।
कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (एमसीए) ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘इस पहल से समयसीमा में उल्लेखनीय कमी आने, पारदर्शिता में सुधार होने तथा निवेशकों को परेशानी मुक्त सेवाएं मिलने की उम्मीद है।’’
समिति में एमसीए, आईईपीएफए, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड, भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान, भारतीय लागत लेखाकार संस्थान और भारतीय कंपनी सचिव संस्थान के प्रतिनिधि शामिल थे।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि समिति ने अपनी रिपोर्ट पहले ही आईईपीएफए को सौंप दी है।
भाषा योगेश पाण्डेय
पाण्डेय
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