नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर (भाषा) निजी एलपीजी विक्रेताओं का संगठन आईएसी ने तमिलनाडु परिवहन विभाग से चेन्नई में एलपीजी-चालित ऑटो रिक्शा के पंजीकरण में हो रही देरी को दूर करने का आग्रह किया है।
संगठन ने कहा है कि एलपीजी ईंधन पर्यावरण के अनुकूल और किफायती विकल्प है लेकिन नौकरशाही से पैदा की जा रही अड़चनें शहरी केंद्रों में इसके प्रसार में बाधा बन रही हैं।
आईएसी (इंडियन ऑटो एलपीजी कोएलिशन) ने परिवहन सचिव एस जे चिरु को दिए गए आवेदन में कहा है कि मौजूदा पंजीकरण व्यवस्था पुरानों वाहनों के एलपीजी रूपांतरण को प्राथमिकता देती है जबकि नए ऑटो एलपीजी (एएलपीजी) वाहनों के पंजीकरण में काफी विलंब होता है।
आईएसी के महानिदेशक सुयश गुप्ता ने कहा कि पेट्रोल या डीजल की तुलना में ऑटो एलपीजी से होने वाला उत्सर्जन काफी कम होता है और इसके पेट्रोल से करीब 40 प्रतिशत सस्ता भी होने से चालकों और यात्रियों को सीधा लाभ मिलता है।
संगठन ने तमिलनाडु सरकार से पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने और तेलंगाना जैसे राज्यों से सीख लेने का आग्रह किया, जहां नीति में सुधार से स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल बढ़ा है।
आईएसी तेल कंपनियों, निजी एलपीजी विक्रेताओं, उपकरण विनिर्माताओं एवं किट आपूर्तिकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करता है तथा स्वच्छ ईंधन नीतियों को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ काम करता है।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
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