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Tuesday, 24 March, 2026
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हिमाचल प्रदेश ने 2025-26 में 41,173 करोड़ रुपये का कर्ज लिया, 32,004 करोड़ चुकाए

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शिमला, 24 मार्च (भाषा) गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही हिमाचल प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक का सर्वाधिक 41,173 करोड़ रुपये का कर्ज लिया जबकि 32,004 करोड़ रुपये के कर्ज का भुगतान भी किया है। संशोधित बजट अनुमान में यह जानकारी मिली।

वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में 11,965 करोड़ रुपये का कर्ज लेने का प्रावधान किया गया है।

हिमाचल सरकार पर बढ़ता कर्ज एवं ब्याज का बोझ, साथ ही राजस्व घाटा अनुदान बंद होने से सीमित कर आधार के बीच राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बन गया है।

‘संक्षिप्त बजट’ में दिए गए आंकड़ों के अनुसार 2025-26 में सरकार की ऋण देनदारी 1,03,994 करोड़ रुपये रही, जो 2026-27 में बढ़कर 1,12,319 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

सरकार पर कुल कर्ज 2022-23 में 76,681 करोड़ रुपये, 2023-24 में 85,295 करोड़ रुपये और 2024-25 में 93,625 करोड़ रुपये रहा जो लगातार बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है।

ब्याज भुगतान 2024-25 में 6,260.93 करोड़ रुपये और 2025-26 में 6,693 करोड़ रुपये रहा जो 2026-27 में 7,271 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।

राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन ढांचे में भी ब्याज भुगतान में बढ़ोतरी का रुझान दिखाया गया है। इसे 2027-28 में 8,115 करोड़ रुपये तथा 2028-29 में 8,865 करोड़ रुपये आंका गया है। वहीं सब्सिडी को 2025-26 के 3,205 करोड़ रुपये से घटाकर 2026-27 में 858.98 करोड़ रुपये, 2027-28 में 910.52 करोड़ रुपये और 2028-29 में 965.15 करोड़ रुपये करने का अनुमान है।

स्थिति चिंताजनक बताई गई है क्योंकि वेतन, पेंशन, कर्ज भुगतान, ब्याज भुगतान तथा अन्य मदों पर सरकार का प्रतिबद्ध व्यय बजट का लगभग 80 प्रतिशत है। वहीं पूंजीगत कार्यों एवं अन्य गतिविधियों के लिए केवल 20 प्रतिशत राशि ही बचती है।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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