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Saturday, 14 March, 2026
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कम लंबित मामलों वाले राज्यों में उपभोक्ता मामलों की सुनवाई करें उच्च न्यायालय: उच्चतम न्यायालय

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नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण आदेश में संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए कुछ उच्च न्यायालयों से कहा कि वे राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोगों (एससीडीआरसी) में लंबित उपभोक्ता शिकायतों और अपीलों की सुनवाई करें।

अनुच्छेद 142 उच्चतम न्यायालय को यह अधिकार देता है कि वह अपने समक्ष लंबित मामलों में पूर्ण न्याय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक आदेश पारित कर सके।

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत उपभोक्ता विवादों के त्वरित निपटारे के लिए तीन-स्तरीय व्यवस्था है जिसमें जिला आयोग, राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एससीडीआरसी) और राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) शामिल है।

राज्य आयोग एक करोड़ से 10 करोड़ रुपये तक के दावों वाले मामलों की सुनवाई करता है और जिला आयोगों के आदेशों के खिलाफ अपीलें भी सुनता है।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने उन राज्यों की याचिकाओं पर सुनवाई की, जहां उपभोक्ता आयोगों में लंबित मामलों की संख्या बेहद कम है। कुछ राज्यों ने यह भी बताया कि उनके उपभोक्ता आयोग एक साल से अधिक समय से निष्क्रिय पड़े हैं।

उच्चतम न्यायालय ने संबंधित उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को निर्देश दिया कि वे उपभोक्ता मामलों के निपटारे के लिए अनुभवी एकल न्यायाधीश नियुक्त करें।

भाषा योगेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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