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Monday, 16 March, 2026
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सरकार का 2028-29 से 13 गीगावाट पनबिजली पंप भंडारण परियोजना जोड़ने का लक्ष्य

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नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के चेयरपर्सन घनश्याम प्रसाद ने सोमवार को कहा कि सरकार 2032 तक 50 गीगावाट हाइड्रो पंप भंडारण क्षमता का लक्ष्य हासिल करने के लिए सालाना 13 गीगावाट क्षमता जोड़ने की योजना बना रही है। यह वर्तमान स्तर से चार गुना अधिक है।

प्रसाद ने राष्ट्रीय राजधानी में ‘ऊर्जा भंडारण पर सम्मेलन… स्वच्छ ऊर्जा बदलाव को गति’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि जल विद्युत पंप भंडारण ने अब एक बड़ी छलांग लगाई है और इस वर्ष से, हर वर्ष औसतन लगभग तीन गीगावाट हाइड्रो पंप भंडारण क्षमता (पीएसपी) जुड़ेगी।

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘…(वित्त वर्ष) 2028-29 से आप इसे दहाई अंक में भी बढ़ते हुए पाएंगे। लगभग 10 गीगावाट से 13 गीगावाट (क्षमता) हर साल जुड़ती जाएगी।’’

प्रसाद ने कहा कि 2032 तक, लक्ष्य लगभग 50 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1,000 मेगावाट) क्षमता हाइड्रो पंप स्टोरेज से प्राप्त करना है।

उन्होंने बाद में पीटीआई-भाषा से कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में पंप हाइड्रो क्षमता लगभग 4.7 गीगावाट थी।

भाषा रमण अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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