(तस्वीर के साथ)
दावोस, 18 जनवरी (भाषा) टाटा समूह के प्रमुख एन चंद्रशेखरन ने बुधवार को कहा कि भारत के नजरिये में हाल के वर्षों में व्यापक बदलाव आया है और अब वह वैश्विक अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने को लेकर अगुवाई करने की स्थिति में आ गया है।
यहां विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ)-2023 की वार्षिक बैठक के दौरान ‘10,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के मार्ग पर भारत’ विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए चंद्रशेखरन ने कहा कि देश ने प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने में महारथ हासिल कर ली है।
टाटा संस के चेयरमैन ने कहा कि दुनिया में सबसे ज्यादा स्नातक भारत में होते हैं। यह देश को मजबूत स्थिति में ले जाने के विभिन्न तत्वों में से सिफ एक है।
उन्होंने आगे कहा, ”भारत के नजरिये में बदलाव आ रहा है और कोरोना महामारी के दौर में यह सबसे अच्छा था। हमने देखा कि हमारे अपने टीके का विनिर्माण भारत में ही हो रहा है। डिजिटलीकरण के क्षेत्र में बदलाव उल्लेखनीय रहा है।”
चंद्रशेखरन ने कहा, ‘‘मेरे लिए तीन सबसे महत्वपूर्ण चीजें- वृद्धि, वृद्धि और वृद्धि हैं। दुनिया को मजबूती की जरूरत है और भारत खासकर आपूर्ति व्यवस्था के ढांचे में अगुवाई करने की स्थिति में है।”
उन्होंने कहा कि फिलहाल देश में एक करोड़ पर्यटक आते हैं लेकिन इसमें 10 करोड़ सैलानियों को बुलाने की क्षमता है। इसके लिए हमें अवसंरचना तैयार करने की जरूरत है और हवाई अड्डों, सड़क, रेल तथा पोत परिवहन के क्षेत्रों में काफी काम हो रहा है।
चंद्रशेखरन ने कहा, ”हम अभी वहां नहीं हैं लेकिन हम वहां जरूर पहुंचेंगे और इसके लिए हमें सिर्फ अपनी योजना को अमलीजामा पहनाना है।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि इन सभी लक्ष्यों के 25 साल के इस अमृत काल में प्राप्त होने की काफी संभावना है।
भाषा अनुराग अजय
अजय रमण
रमण
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
