नयी दिल्ली, 29 जनवरी (भाषा) पिछले कुछ वर्षों में भारत द्वारा किए गए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का बढ़ता नेटवर्क वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच विश्वसनीय बाजार पहुंच प्रदान कर देश की व्यापार रणनीति को मजबूती दे रहा है। बृहस्पतिवार को संसद में पेश आर्थिक समीक्षा 2025-26 में यह बात कही गई।
समीक्षा के अनुसार, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत के व्यापार प्रदर्शन की गति को बनाए रखने के लिए देश सक्रिय रूप से एक विविधीकृत व्यापार रणनीति पर काम कर रहा है।
भारत ने ब्रिटेन, ओमान, न्यूजीलैंड, यूरोपीय संघ (ईयू), ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सहित विभिन्न देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं।
संसद में पेश दस्तावेज में कहा गया, ‘‘एफटीए का विस्तार वैश्विक अनिश्चितता के दौर में विश्वसनीय बाजार पहुंच प्रदान कर भारत की व्यापार रणनीति का समर्थन करता है।’’ समीक्षा में कहा गया कि ये समझौते निर्यात-केंद्रित कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने और वैश्विक मूल्य श्रृंखला (जीवीसी) में बेहतर तरीके से एकीकृत होने में सक्षम बनाते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘इसके अलावा, घरेलू कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा का मंच उपलब्ध कराकर एफटीए निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करते हैं। इससे कंपनियां केवल रियायतों पर निर्भर रहने के बजाय उत्पादकता और विश्वसनीयता को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित होती हैं।’’
भाषा सुमित अजय
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