नयी दिल्ली, 26 अक्टूबर (भाषा) बीमा नियामक इरडा ने लॉयड्स इंडिया सहित विदेशी पुनर्बीमा इकाइयों को अधिशेष पूंजी के 20 प्रतिशत तक वापस विदेश भेजने की अनुमति दी है।
नियामक ने यह फैसला अधिक कंपनियों को आकर्षित करने और पूंजी की मुक्त आवाजाही की इजाजत देने के लिए किया है।
भारत में कारोबार सुगमता को बढ़ावा देने को विभिन्न समितियों ने विदेशी पुनर्बीमा शाखाओं (एफआरबी) और लॉयड्स इंडिया द्वारा अतिरिक्त पूंजी को विदेश भेजने के मुद्दे पर विचार-विमर्श किया।
इरडा के मानदंडों के अनुसार, लॉयड्स के अलावा अन्य विदेशी पुनर्बीमा शाखाओं को भारत में व्यवसाय करने के लिए पूंजी आवश्यकताओं के रूप में ‘नियत पूंजी’ शुद्ध स्वामित्व वाले कोष (एनओएफ) की जरूरत है।
आवेदक का एनओएफ किसी भी समय 500 करोड़ रुपये की निर्धारित राशि से कम नहीं होना चाहिए और शाखा कार्यालय में कम से कम 100 करोड़ रुपये की निर्धारित पूंजी डालना जरूरी है।
कार्यकारी समूहों की सिफारिशों की जांच के बाद यह पाया गया कि भारत में पर्याप्त पुनर्बीमा क्षमता सुनिश्चित करने और प्रतिस्पर्धी मूल्य पर पुनर्बीमा की पेशकश के लिए अधिक कंपनियों को आकर्षित करना जरूरी है और इसके लिए आवंटित पूंजी की मुक्त आवाजाही की इजाजत देनी होगी।
भाषा पाण्डेय अजय
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