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Sunday, 1 February, 2026
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वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान: सीतारमण

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(तस्वीर के साथ)

नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि सरकार को उम्मीद है कि 2026-27 में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.3 प्रतिशत रहेगा जो चालू वित्त वर्ष के लिए अनुमानित 4.4 प्रतिशत से कम है।

सीतारमण ने अपने 2026-27 के बजट भाषण में कहा कि सरकार अगले वित्त वर्ष में राज्यों को कर हस्तांतरण राशि के रूप में 1.4 लाख करोड़ रुपये प्रदान करेगी जबकि शुद्ध कर प्राप्तियां 28.7 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।

मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 का आकार 53.5 लाख करोड़ रुपये आंका गया है। सरकार ऋण समेकन के राजकोषीय विवेकपूर्ण मार्ग पर आगे बढ़ रही है जिससे 2026-27 में राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बजट में अनुमानित राजकोषीय घाटा (सरकारी व्यय और आय के बीच का अंतर) सकल घरेलू उत्पाद (जीडपी) का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

वित्त मंत्री ने अपने 2024-25 के बजट भाषण में कहा था कि 2026-27 से राजकोषीय नीति का उद्देश्य राजकोषीय घाटे को इस प्रकार नियंत्रित करना होगा कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के प्रतिशत के रूप में केंद्र सरकार का ऋण घटता रहे। वर्ष 2024 में सामान्य सरकारी ऋण-से-जीडीपी अनुपात 85 प्रतिशत रहा था जिसमें केंद्र सरकार का ऋण 57 प्रतिशत था।

भारत जैसी विकासशील अर्थव्यवस्था के लिए तीन से चार प्रतिशत का राजकोषीय घाटा एक अनुकूल एवं वांछनीय लक्ष्य माना जाता है, जिसका उद्देश्य आर्थिक विस्तार तथा वित्तीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखना है।

सीतारमण ने रविवार को अपने भाषण में कहा कि नया आयकर अधिनियम 2025, एक अप्रैल से लागू होगा।

भाषा निहारिका अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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