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Thursday, 15 January, 2026
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कोविड की आशंका से शेयर बाजार दहला, सेंसेक्स 981 अंक और लुढ़का

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मुंबई, 23 दिसंबर (भाषा) चीन और कुछ अन्य देशों में कोविड-19 संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने से शुक्रवार को एशियाई बाजारों में गिरावट का रुख रहा। स्थानीय बाजार भी इससे अछूते नहीं रहे और बड़े नुकसान के साथ बंद हुए।

निवेशकों की भारी बिकवाली से बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 980.93 अंक यानी 1.61 प्रतिशत लुढ़कते हुए 59,845.29 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स 1,060.66 अंक यानी 1.74 प्रतिशत तक लुढ़क गया था। सेंसेक्स गत 28 अक्टूबर के बाद पहली बार 60,000 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बंद हुआ।

इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी में भी 320.55 अंक यानी 1.77 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी 17,800 के स्तर से भी नीचे आ गया था लेकिन अंत में यह थोड़ा सुधरते हुए 17,806.80 अंक पर बंद हुआ।

दोनों प्रमुख सूचकांकों में गिरावट का यह लगातार चौथा दिन रहा। इस दौरान निवेशकों की 15 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक की पूंजी कम हो चुकी है।

सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से टाइटन को छोड़कर बाकी कंपनियां नुकसान में रहीं। सर्वाधिक पांच प्रतिशत की गिरावट टाटा स्टील में दर्ज की गई। इसके अलावा टाटा मोटर्स, भारतीय स्टेट बैंक, बजाज फिनसर्व, रिलायंस इंडस्ट्रीज, विप्रो, इंडसइंड बैंक, लार्सन एंड टुब्रो और मारुति सुजुकी के शेयर भी खासे नुकसान में रहे।

शेयर बाजार में पिछले चार दिनों से जारी गिरावट में निवेशक करीब 15.78 लाख करोड़ रुपये गंवा चुके हैं। इसके साथ ही बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण घटकर 2,72,12,860.03 करोड़ रुपये रह गया।

साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स 1,492.52 अंक यानी 2.43 अंक लुढ़का है जबकि निफ्टी में 462.20 अंक यानी 2.52 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

कोटक सिक्योरिटीज लिमिटेड के सह उपाध्यक्ष (तकनीकी शोध) अमोल अठावले ने कहा, ‘कमजोर वैश्विक संकेतों और मंदड़िया बाह्य कारकों से बाजारों में भारी बिकवाली हुई और दोनों ही सूचकांक मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गए। चीन और जापान में कोविड मामले बढ़ने के अलावा अमेरिका में तीसरी तिमाही के आंकड़े बेहतर रहने से ब्याज दर में वृद्धि का सिलसिला जारी रहने की आशंका को भी बल मिलने से बिकवाली का दबाव बना।’

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया के कॉस्पी, जापान के निक्की, चीन के शंघाई कम्पोजिट तथा हांगकांग के हैंगसेंग में गिरावट का रुख रहा।

हालांकि, यूरोप के बाजार दोपहर के सत्र में बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार बृहस्पतिवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के उपाध्यक्ष (तकनीकी शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘संकेत दिख रहे हैं कि बाजार में गिरावट का मौजूदा दौर आगे भी बना रह सकता है। इस बीच मिले-जुले वैश्विक संकेत उतार-चढ़ाव को बनाए रखेंगे। ऐसी स्थिति में सुरक्षित नजरिया लेकर चलने की सलाह दी जाती है।’’

अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.89 प्रतिशत चढ़कर 82.51 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

बाजार में जारी गिरावट के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को खरीदारी की। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, एफआईआई ने 928.63 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध लिवाली की।

भाषा प्रेम

प्रेम पाण्डेय

पाण्डेय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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