नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर (भाषा) भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र में इक्विटी निवेश इस साल जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान 48 प्रतिशत बढ़कर 3.8 अरब डॉलर रहा। यह वृद्धि बिल्डरों और निवेशकों के मुख्य रूप से भूमि अधिग्रहण और परियोजनाओं के निर्माण के लिए किए गए निवेश के कारण है। रियल एस्टेट परामर्शदाता कंपनी सीबीआरई ने शुक्रवार को जारी अपनी नवीनतम रिपोर्ट में यह जानकारी दी।
सीबीआरई ने ‘मार्केट मॉनिटर क्यू3- 2025 इनवेस्टमेंट’ नाम से जारी रिपोर्ट में बताया कि इस वर्ष की तीसरी तिमाही में कुल इक्विटी निवेश बढ़कर 3.8 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 2.6 अरब डॉलर था।
रिपोर्ट में कहा गया कि इस वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान पूंजी प्रवाह मुख्य रूप से भूमि/विकास स्थलों और निर्मित कार्यालय एवं खुदरा परिसंपत्तियों में पूंजी निवेश के कारण हुआ।
इसमें कहा गया है कि इस वर्ष के पहले नौ महीनों में इक्विटी निवेश 14 प्रतिशत बढ़कर 10.2 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 8.9 अरब डॉलर था।
पिछले वर्ष 2024 के दौरान भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र में इक्विटी निवेश 11.4 अरब डॉलर था।
सीबीआरई के (भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका) चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अंशुमान ने कहा कि घरेलू पूंजी का अच्छा प्रवाह इस क्षेत्र की मजबूती और गहराई को बताता है।
भाषा योगेश रमण
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