जयपुर, 18 नवंबर (भाषा) राजस्थान के जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने मंगलवार को कहा कि जालोर जिले में अंतर्देशीय बंदरगाह (इनलैंड पोर्ट) बनाया जाएगा जो राज्य को कच्छ की खाड़ी के जरिये अरब सागर से जोड़ेगा।
उन्होंने बताया कि इस इनलैंड पोर्ट (वॉटर-वे) के निर्माण को लेकर गत माह मुंबई में राजस्थान रिवर बेसिन एवं जल संसाधन आयोजना प्राधिकरण तथा भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण केंद्र सरकार के बीच समझौता (एमओयू) किया गया। इसके तहत गुजरात और राजस्थान में ड्रेजिंग से अरब सागर से जालोर को जोड़ा जाएगा। इसके जरिये राजस्थान समुद्री संपर्क के नए युग में प्रवेश करेगा।
उन्होंने कहा कि जवाई-लूनी-रन ऑफ कच्छ नदी प्रणाली को राष्ट्रीय जलमार्ग-48 घोषित होने के बाद जालोर में इनलैंड पोर्ट (वॉटर-वे) विकसित करने की दिशा में यह सबसे बड़ा कदम है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में राजस्थान प्रत्यक्ष रूप से कांडला पोर्ट (कच्छ) से जुड़ जाएगा। अभी जालोर तक जलमार्ग बनाने के लिए रास्तों पर अध्ययन किया जा रहा है। इसमें भवातरा-नवलखी मार्ग कांडला क्रिक (लगभग 262 किलोमीटर) मार्ग भी शामिल है। एमओयू के अनुसार, ड्रेजिंग में 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च होगी।
रावत ने बताया कि जलमार्ग की रपट (डीपीआर) पर भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग विकास प्राधिकरण, नेशनल टेक्नोलॉजी फॉर पोर्ट, वॉटर-वे एंड कोस्ट, आईआईटी मद्रास और जल संसाधन विभाग द्वारा सर्वे किया जा रहा है। इसमें वर्षभर जल की उपलब्धता, परियोजना के लिए जमीन और अनुमानित लागत पर गहन अध्ययन हो रहा है। इसकी ‘फील्ड स्टडी’ के लिए आईआईटी मद्रास से विशेषज्ञ जल्द ही राजस्थान आएंगे।
उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी और मजबूत औद्योगिक विकास की सोच से परियोजना सरकार की प्राथमिकता में रही है। शर्मा द्वारा केंद्र सरकार स्तर पर उच्चस्तरीय बैठकें कर इसे आगे बढ़ाया गया। औद्योगिक विकास की दृष्टि से यह परियोजना संकल्प से सिद्धि की ओर बढ़ता कदम है।’
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